खबर लहरिया Blog जल संकट: सुबह होते ही पानी की तलाश में निकल जाती हैं महिलाएं

जल संकट: सुबह होते ही पानी की तलाश में निकल जाती हैं महिलाएं

टीकमगढ़ जिले के दुनातर गाँव में हैंडपंप बिगड़ने से पानी का संकट बढ़ गया है। पानी की तलास में महिलाएं, बच्चे बूढ़े ख़ाली बर्तन लिए भटक रहे है। यहाँ तक कि महिलाएं भोर में 4 बजे से पानी की तलास में निकल रही हैं।

टीकमगढ़ जिले के गांव दुनातर दलित बस्ती में लगभग पंद्रह दिन से हैंडपंप खराब पड़ा है। पानी के लिए ग्रामीण सुबह 4 बजे से ही ख़ाली बर्तन लेकर पानी की तलास में भटक रहे हैं। लोगों की मांग है की जल्द से जल्द उनके पानी की व्यवस्था कराई जाए। सरकार अपनी योजनाओं को लेकर तमाम दावे करती है। आए दिन दिशा निर्देश भी जारी हो रहे हैं। लेकिन उसका प्रभाव ग्रामीण स्तर पर देखने को नहीं मिल रहा है।

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ख़ाली बर्तन लिए पानी की तलास जारी

दुनातर गांव की रहने वाली सखी अहिरवार ने हमें बताया कि उनके गांव का हैंडपंप पंद्रह दिन से खराब पड़ा है जिससे वह ख़ाली बर्तन लेकर हर दिन पानी की तलास में भटक रही हैं। सखी का कहना है कि उन्हें चार बजे रात से ही पानी भरने के लिए उठना पड़ता है। उनके गांव में तीन हैंडपंप हैं एक हैंडपंप चालू है और एक हैंडपंप बिगड़ा पड़ा है। एक हैंडपंप पानी कम देता है जिसको चलाते-चलाते थक जाओ बहुत देर बाद पानी निकलता है। उन्हें दिन में कम से कम दस डिब्बा पानी भरना पड़ता है ऐसे में उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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नवरात्रि में और भी ज्यादा बढ़ी पानी की जरुरत

जशोदा अहिरवार का कहना है कि अभी नवरात्रि चल रही है पानी की सुबह से ही बहुत जरूरत होती है। सुबह उठाकर नहाना, कपड़े धोना या जो लोग काम पर जा रहे हैं वह भी पहले पूजा करके जाते हैं इसलिए पानी की सुबह बहुत जरुरत होती है। ऐसे में उन्हें रात से ही पानी के लिए लाइन लगाना पड़ता है। जिनके निजी बोर हैं उनके घर के अन्दर में लगे हैं अगर उनके घर में जाओ तो गुस्सा होते हैं। आजकल का जमाना ऐसा है किसी के घर में जा भी नहीं सकते झूठा कोई भी आरोप लगा सकते हैं। इसलिए वह चाहती हैं कि यह हैंडपंप सुधारा जाये।

रवि अहिरवार ने बताया कि इस हैंडपंप से लगभग 15- 20 लोग पानी भरते हैं। गाँव के सरपंच को कई बार हैण्डपम्प बनवाने के लिए बोला गया लेकिन अभी तक सुधार नहीं हुआ है।

हैंडपंप बनाने का आदेश जारी

रगवर चौधरी एसडीओ पीएचई विभाग टीकमगढ़ का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। यह नियम में भी नहीं है कि पंद्रह दिन तक हैंडपंप बिगड़ा रहे। उन्होंने मैकेनिक को सूचित कर जल्द से जल्द हैंडपंप सुधारने की बात कही।

रिषभ दीक्षित हैंडपंप मैकेनिक ने हमें बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं थी लेकिन वह कल ही बिगड़े हैंडपंप की मरम्मत करेंगे और लोगों को पानी मिलेगा।

(नोट: खबर लिखे जाने तक हैंडपंप की मरम्मत नहीं हुई थी।)

इस खबर की रिपोर्टिंग रीना द्वारा की गयी है।

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