खबर लहरिया Blog टीकमगढ़: आवेदन के बाद भी नहीं मिला आवास, भटक रहे लोग

टीकमगढ़: आवेदन के बाद भी नहीं मिला आवास, भटक रहे लोग

डिकौली ग्रामपंचायत के टपरियन मोहल्ला में पिछले कई वर्षों से अत्यंत गरीब परिवार के लोग अपने घर के लिए दर-दर भटक रहे हैं लेकिन उन्हें आज तक पक्का घर नहीं मिल पाया है। गरीबी की जिंदगी गुजर बसर करने वाले इन परिवारों ने प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला।

टीकमगढ़ जिले के ग्राम पंचायत डिकौली टपरियन में 15 परिवार रहता है जिसमें 14 परिवार शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीब लाभार्थी वंचित हैं। बारिश ने कच्चे घरों में रह रहे लोगों की हालत खराब कर दी है। उनका कहना है कि कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया लेकिन पक्की छत नसीब नहीं हुई।

बरसात से टपकने लगी खपरैल

दुलीचंद आदिवासी जो ग्राम पंचायत डिकौली मोहल्ला टपरियन के निवासी हैं उन्होंने बताया कि वह कई पीढ़ियों से परेशान हो रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। अभी वह खपरैल के कच्चे घरों में रह रहे हैं जो ज्यादा बारिश होती है तो टपकता है।1 साल पहले फार्म भी भरवा दिए थे और सरपंच सिक्रेटरी घर की फोटो भी खींच के ले गये लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

आवास ना होने के कारण कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में हर तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है चाहे रहने का हो चाहे सामान रखना हो। घर टपकने से पानी भर जाता है तो कहीं गुजारा नहीं होता। इसलिए वह चाहते हैं की अगर आवास मिल जाए तो सुकून की जिन्दगी गुजार सकते हैं।

एक घर में कई परिवारों का नहीं हो रहा गुजारा

गणेश आदिवासी ने बताया है कि टपरियन मोहल्ला में 15-20 आदिवासी परिवार रहते हैं। जिसमें से एक व्यक्ति का आवास आया है और बाकी लोगों को नहीं मिला है। उनके चार बेटे हैं दो की शादी हो चुकी है दो अभी कुंवारे हैं। एक ही घर में सबका गुजारा नहीं होता। गणेश आदिवासी बताते हैं कि उन्होंने अपने लिए एक छोटी सी झोपड़ी बनायी हुई हैं तो उसी में अपने दो बेटे और खुद दोनों पति पत्नी रहते हैं। बारिश के समय में उसमें भी पानी टपकता रहता है रिश्तेदार आ जाएँ तो बहुत ही दिक्कत हो जाती है। आदिवासी परिवार हैं और मजदूरी करके अपना भरण-पोषण करते आ रहे हैं। वह इतने सक्षम नहीं है कि अपने हाथों से घर बना सकें। जमीन भी नहीं है की उसमें मिटटी का घर ही बनवाकर छप्पर रख लें।

सरकार ने तो वादे किये हैं जिनके कच्चे घर हैं, चाहे वह किसी भी समाज के लोग हो मगर उन्हें रहने के लिए पक्का मकान दिया जाएगा। लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है जिनके पास पक्के मकान हैं, ट्रैक्टर ट्राली है उनके आवास मिल गये हैं। जो गरीब हैं वह हर तरह से परेशान हैं। सरकार जांच कराकर जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है और कच्चे घरों में रहने के लिए मजबूर उनके लिए आवास योजना का लाभ दिया दे। जिससे गरीब लोगों का भी गुजारा हो सके।

115 लोगों के तैयार हो रही लिस्ट जल्दी मिलेगा लाभ

सरपंच जगतनाथ लोधी ने बताया कि डिकौली ग्राम पंचायत में लगभग छब्बीस सौ की आबादी है जिसमें तीन चार मुहल्ला आता है। जिनके सूची में नाम थे लगभग डेढ़ सौ के लगभग प्रधानमंत्री आवास बन चुके हैं। जिसमें सभी समुदाय के लोग हैं जैसे अहिरवार, केवट और कुछ आदिवासी परिवार हैं। टपरियन मोहल्ला में 15-20 घर हैं जिसमें दो लोगों को आवास मिला है अभी ऐसे बहुत लोग रह गये है जिन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। 115 लोगों के आवास प्लस योजना में नाम जोड़ दिया गया है जिसमें आदिवासी लोग और सभी सामुदायिक के लोगों के नाम हैं। अब जैसे शासन से आवास प्लस वाली सूची प्राप्त होगी उनको आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।

इस खबर की रिपोर्टिंग रीना द्वारा की गयी है। 

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