“पिछला प्रोटेस्ट मंत्री के खिलाफ था, ये सत्ता के खिलाफ है,” दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में हरियाणा से आए एक प्रदर्शनकारी ने हमसे कहा। SIR के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए इस प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सख्त पाबंदियां लगाई गईं। प्रदर्शन के दिन भारी पुलिस बल तैनात था। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, कुछ लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया और नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। वहीं, पत्रकारों को प्रेस कार्ड होने के बावजूद हिरासत में लिया गया और उनके साथ बदसलूकी की गई। इन सबके बीच उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों से लोग दिल्ली पहुंचे थे। इनमें कुछ ऐसे लोग भी थे, जिनका या उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम वोटर लिस्ट से कट गया था। वे जानना चाहते थे कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ और SIR की प्रक्रिया में उनके नाम क्यों हटाए गए? हमने ऐसे ही कुछ लोगों से बात की और जानने की कोशिश की कि वे दिल्ली क्यों आए थे, उनकी शिकायतें क्या हैं और 10 अक्टूबर को सेंट्रल दिल्ली में क्या माहौल था। देखिए हमारी ये ग्राउंड रिपोर्ट।
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