टना जिले के फुलवारी ब्लॉक की कई पंचायतों में सफाई कर्मचारियों को पिछले 6 महीने से मानदेय नहीं मिला है। मेनपुर अंदा पंचायत के मझौली गांव में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से 8 बजे तक घर-घर जाकर कचरा उठाते हैं और उसे निर्धारित कचरा स्थल तक पहुंचाते हैं। इसके बदले उन्हें हर महीने ₹3,000 मानदेय मिलने की बात कही गई थी। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले छह महीने से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें घर चलाने के लिए खेतों में मजदूरी और दूसरे काम करने पड़ रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने आर्थिक परेशानी के चलते काम करना भी छोड़ दिया है। वहीं, कई परिवारों का कहना है कि समय पर पैसे नहीं मिलने से खाना, इलाज और घर के दूसरे खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक, सुपरवाइजर से बात करने पर सिर्फ यह कहा जाता है कि पैसा मिल जाएगा, लेकिन कब मिलेगा इसकी जानकारी नहीं दी जाती। वहीं, ब्लॉक स्तर के अधिकारी ने बताया कि लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत इन सफाई कर्मचारियों को ₹3,000 प्रति माह मानदेय देने की व्यवस्था है। अधिकारी के अनुसार मार्च तक का भुगतान किया जा चुका है, जबकि उसके बाद के भुगतान के लिए सरकार को लिखित रूप से भेजा गया है। राज्य सरकार से राशि मिलने के बाद कर्मचारियों के खातों में भुगतान कर दिया जाएगा।
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