मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के एक शासकीय महाविद्यालय बालिका छात्रावास में खाने, पीने के पानी और रहने की व्यवस्था को लेकर शिकायत का मामला सामने आया है। छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में मिलने वाले खाने में कीड़े निकलते हैं और पीने का पानी भी गंदा रहता है। छात्राओं ने 19 अक्टूबर 2026 को जिला कलेक्टर के नाम आवेदन देकर शिकायत की। छात्राओं का कहना है कि इससे पहले भी उन्होंने 28 सितंबर को जनसुनवाई में शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – सुचित्रा
जैसा कि बोर्ड में दी गई जानकारी से पता चल रहा है कि यह शासकीय महाविद्यालय बालिका छात्रावास छतरपुर जिले के अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। इस छात्रावास में मुख्य रूप से अहिरवार जाति समुदाय की कुल 50 छात्राओं के एडमीशन (प्रेवश) हैं। इनमें से लगभग 30 से 35 छात्राएं छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती हैं। वह छतरपुर जिले के दूर गांव से पढ़ने अपने घर से दूर यहां रह रही हैं। छात्राओं ने आरोप लगाया है हॉस्टल में स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
खाने में कीड़े, शिकायत करने पर धमकी का आरोप
छात्राओं का कहना है कि यहां के खाने में जैसे सब्जी, चावल, छोले और दाल में कीड़े दिखाई पड़ते हैं। जिसे देखकर खाने का मन नहीं करता और बीमार होने का भी खतरा रहता है। शिकायत करने पर अधीक्षिका छात्रावास अफसाना खातून नाम कटवाने की धमकी देती हैं।

शासकीय महाविद्यालय, कन्या छात्रावास के खाने में कीड़े, जिसे देखते ही घिन आए। इस तरह के खाने को खाने का कैसे मन करेगा? (फोटो साभार: अलीमा)
छात्रावास में रहने वाली संगीता अहिरवार का कहना है कि वह पिछले तीन साल से यहां रह रही हैं। खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करने पर अधीक्षिका उन्हें नोटिस देने और छात्रावास से बाहर निकलवाने की बात कहती हैं।
वहीं छात्रा शांति अहिरवार लवकुश नगर की रहने वाली हैं और छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती हैं। उनका आरोप है कि एक दिन खाना खाते समय चावल में कीड़े दिखाई दिए। छात्राओं ने इसकी फोटो भी खींची और अधीक्षिका से शिकायत की। अधीक्षिका ने यह कहकर बात टाल दी कि यहां सब कुछ मुफ्त मिलता है और संभव है कि खाना बनाते समय सफाई ठीक से नहीं हुई हो।
पीने के पानी में बदबू, नहाने पर खुजली की शिकायत
छात्राओं ने पीने के पानी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। ईसानगर से आकर छात्रावास में रहने वाली एक छात्रा का कहना है कि यहां का पानी इतना गंदा है कि उसे पीना मुश्किल होता है। पानी की टंकी की नियमित सफाई नहीं होती है और पानी से बदबू आती है। जिस पानी का इस्तेमाल नहाने और कपड़े धोने के लिए किया जाता है, उसी पानी से खाना भी बनाया जाता है। उनका कहना है कि इस पानी से नहाने पर खुजली होने की परेशानी भी होती है। एक छात्रा ने बताया कि उसकी तबीयत भी खराब हो चुकी है।
छात्रावास की अधीक्षिका पर पति को हॉस्टल में बुलाने का आरोप
इसके साथ ही छात्राओं ने छात्रावास में पुरुषों के बार-बार आने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। छात्रावास की अधीक्षिका आए दिन अपने पति को हॉस्टल में बुला लेती है और बिना अनुमति के कई बार उनके पति छात्राओं कमरे में भी घुस आते हैं। जबकि हॉस्टल में किसी भी पुरुष के आने की अनुमति नहीं है।
जब खबर लहरिया की रिपोर्टर अलीमा ने छात्रावास (हॉस्टल) की अधीक्षिका अफसाना खातून से इस मामले पर बात करने की कोशिश की तो उन्होने बात करने से साफ़ इनकार कर दिया।
छात्राओं ने इन समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को आवेदन दिया है और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं, एसडीएम प्रशांत अग्रवाल ने कहा है कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
छात्राओं का कहना है कि इसका असर उनकी पढ़ाई और सेहत दोनों पर असर पड़ता है। वह ठीक से भोजन नहीं कर पाती है जिसकी वजह से उनका ध्यान पूरी तरह से पढ़ाई में नहीं लगता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
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