अयोध्या में दीपोत्सव के लिए मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हार पिछले दो साल से ऑर्डर न मिलने के कारण परेशान हैं। बृजकिशोर प्रजापति के अनुसार, दीपोत्सव से कई परिवारों को रोजगार और आर्थिक सहारा मिलता है, वहीं माला प्रजापति और भगवती प्रसाद का कहना है कि हजारों दीये बनाने के बावजूद उनका स्टॉक घर में ही पड़ा है। आखिर कब सुधरेगी अयोध्या के कुम्हारों की हालत?
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