गुजरात के बनासकांठा जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है जहां दूषित भोजन या पानी के कारण एक स्कूल के 43 छात्र बीमार हो गए। सभी प्रभावित छात्रों को इलाज के लिए पालनपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ये छात्र जगाणा गांव स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के छात्रावास में रहते हैं। बताया जा रहा है कि मिड-डे मील खाने के कुछ समय बाद ही छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
बीमारी फैलने की जांच में जुटे स्वास्थ्य विभाग
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जिला महामारी अधिकारी डॉ. भरमल पटेल ने बताया है कि मामले की जानकारी सोमवार यानी 19 जनवरी शाम करीब 5:30 बजे मिली जब दस्त और उल्टी की शिकायत के बाद 10 छात्राओं को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे और छात्रों में भी वही लक्षण दिखने लगे। 20 जनवरी तक बीमार छात्रों की संख्या बढ़कर 43 हो गई जिनमें 38 छात्राएं और पांच छात्र शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है।
जांच जारी
अधिकारियों के अनुसार गुजरात खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) ने छात्रावास से भोजन और पानी के नमूने जांच के लिए लिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने छात्रों के सैंपल भी एकत्र किए हैं। पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद देश में जल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह गौर करने वाली बात है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है जिसने जल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। वहीं बिहार के मधेपुरा जिले से भी ऐसा ही मामला सामने आया था जहां एक स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 50 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए थे। बच्चों ने बताया था कि स्कूल में परोसी गई खिचड़ी खाने के बाद उन्हें उल्टियां होने लगीं जिसके बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इन घटनाओं ने स्कूलों में भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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