‘किसान क्रांति यात्रा’ लेकर दिल्ली तक आये किसान, पुलिस ने रोका, हुआ हंगामा

साभार: फेसबुक

दिल्ली के किसान घाट पहुंचने की कोशिश करने वाले ‘किसान क्रांति यात्रा’ के तहत हजारों किसानों को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया है। इस दौरान किसान उग्र हुए और उन्होंने गाजीपुर बॉर्डर के समीप बैरीकेड तोड़ दिया।

किसानों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की। इस घटना के बाद किसान यूनियन के प्रतिनिधि और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बीच किसानों की मांगों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भाकियू प्रमुख नरेश टिकैत से फोन पर बात भी की।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह से किसान नेताओं की बैठक के बाद, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किसान नेताओं से मुलाकात की और उनकी मांगों पर चर्चा कर ज्यादातर मुद्दों पर आपसी सहमति बनी है। किसानों ने हमें आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही प्रदर्शन खत्म कर देंगे। इस आश्वासन के तुरंत बाद भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसान सरकार के आश्वासन को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार को चेताया है कि वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

‘किसान क्रांति यात्रा’ में यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत समेत अन्य राज्यों के किसान शामिल हैं। किसानों की योजना किसान घाट पहुंचने की है। सरकार द्वारा अपनी मांगे पूरी नहीं होने के चलते किसान नाराज हैं। इनमें से ज्यादातर किसान भारतीय किसान यूनियन के सदस्य हैं।

बता दें, अपनी मांगें मनवाने के लिए किसानों ने ‘किसान क्रांति यात्रा’ की शुरुआत 23 सितंबर को हरिद्वार स्थित बाबा टिकैत घाट से की थी। किसानों की इस यात्रा की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत कर रहे हैं। यूपी गेट पुलिस और किसानों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। रालोद नेता अजीत सिंह भी किसानों को समर्थन देने यूपी गेट पहुंचे।

आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार से घायल किसानों को अस्पताल में कराया गया है। लाठीचार्ज में करीब 30 किसान घायल हो गए थे। अस्पताल में घायल किसानों का प्राथमिक इलाज चल रहा है।