खबर लहरिया Blog जुआ में कर्ज़ की अदायगी के नाम पर ‘महिला के शरीर’ की मांग करता पितृसत्तामक समाज

जुआ में कर्ज़ की अदायगी के नाम पर ‘महिला के शरीर’ की मांग करता पितृसत्तामक समाज

मैं एक पहली महिला नहीं हूँ। आरोप लगाते हुए कहा, ऐसे ही न जाने कितने गरीब लोगों को शराब की लत लगाते हैं, जुआ खिलाते हैं कर्ज़ दे देकर। फिर कर्ज़ न देने पर उनके घर की महिलाओं का शारीरिक शोषण करते हैं। कोई महिला आवाज़ नहीं उठा पाती और न कभी इसके खिलाफ किसी ने आवाज़ उठाई है। न किसी में हिम्मत है।

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                                                                                                                 जनपद झांसी, कोतवाली मऊरानीपुर की फोटो

झांसी: जुआ के लिए लिया कर्ज़ का पैसा न चुका पाने पर कर्ज़दारो ने कह दिया,

‘अपनी पत्नी को एक रात के लिए हमारे पास भेज दो, तुम्हारा कर्ज़ा उतर जाएगा’

और जुआ का आदि पति यह सुनकर बिना कुछ कहे घर की ओर लौट गया। यह मामला 13 नवंबर 2023, झांसी के मऊरानीपुर का है। इससे एक दिन पहले दीवाली थी और दीवाली में तो जुआ खेलने का रिवाज़ हो गया है जिसमें घर-परिवार सब लुट जाए लेकिन जुआ नहीं छूटता।

महिला ने उसी दिन 13 तारीख को आरोपियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज़ करवाई जिसमें उसके पति के खिलाफ भी मामला दर्ज़ किया गया। महिला सिर्फ कर्जदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज़ करवाना चाहती थी, पति के खिलाफ नहीं। जानकारी के अनुसार, मामले में तीनों व्यक्तियों को पुलिस द्वारा पकड़ा तो गया लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।

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आरोपियों पर मामला दर्ज़

पुलिस द्वारा मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। आरोपी नन्नू जू, गोटूराम महाराज और पति आनंद कुमार अहिरवार के खिलाफ पुलिस द्वारा धारा 323,504,506 व अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 (संसोधन 2015) 3(2) के तहत मामला दर्ज़ किया।

मऊरानीपुर थाने के अध्यक्ष जे.पी पाल ने बताया कि एप्लिकेशन के आधार पर उन्होंने तीन लोगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज़ की है। जांच और पूछताछ ज़ारी है। गांव से भी वह जानकारी इकठ्ठा कर रहे हैं। जिस तरह से सबूत मिलेंगे, उसी तरह से कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

जुआ का आदि है पति

मामले को लेकर महिला ने बताया, ‘मेरा पति जुआ खेलने का आली है। आरोप लगाते हुए कहा, गांव के पंडित जाति के नन्नू जू और गोटीराम महाराज उसके पति को जुआ खेलने के लिए पैसा देते हैं, एक हज़ार में पचास हज़ार प्रति दिन का।

मेरा पति अकसर पैसा लेता था जुआ खेलने के लिए। मैंने कितनी बार उनका कर्ज़ घर का सामान बेचकर दिया। दीपावली पर भी मेरे पति ने जुआ खेलने के लिए तीन हज़ार रूपये लिए और हार गया। पैसे वापस न करने पर उन लोगों ने कहा, अपनी पत्नी को एक रात के लिए हमारे पास भेज दो, क़र्ज़ उतर जाएगा। मेरे पति ने आकर बताया, हमने कुछ न कहा, न कोई कार्यवाही की।’

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“महिलाओं के शरीर” के नाम पर मांगा जाता है हिसाब

मामले को लेकर महिला ने आगे बताया,’13 नवंबर की सुबह 6 बजे दोनों दरवाज़े पर आकर खड़े हो गए और बोले पैसा दो ब्याज समेत या अपनी पत्नी भेजो फिर गाली-गलौच मारपीट करने लगे।’

कहतीं, ‘मैं एक पहली महिला नहीं हूँ। आरोप लगाते हुए कहा, ऐसे ही न जाने कितने गरीब लोगों को शराब की लत लगाते हैं, जुआ खिलाते हैं कर्ज़ दे देकर। फिर कर्ज़ न देने पर उनके घर की महिलाओं का शारीरिक शोषण करते हैं। कोई महिला आवाज़ नहीं उठा पाती और न कभी इसके खिलाफ किसी ने आवाज़ उठाई है। न किसी में हिम्मत है।’

‘पति जुआ खेलता है पर घर उससे ही चलता है’

शिकायतकर्ता महिला ने बताया, जब उन्होंने रिपोर्ट लिखवाई उसके बाद से उन्हें धमकियां मिल रही हैं, डराया जा रहा है। ‘मेरे पति को उनके साथ बंद कर दिया गया। तीन दिन बाद पति और वह दोनों आदमी छूट कर आ गए लेकिन रिपोर्ट में मेरे पति का नाम दर्ज़ कर लिया गया है। मैनें अपने पति का नाम नहीं लिखवाया था। मैं पढ़ी-लिखी नहीं हूँ। जिन लोगों से मैनें एप्लिकेशन लिखवाई थी, उनकी एप्लिकेशन के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज़ की। जब बाद में मुझे पता चला कि पुलिस ने मेरे पति को पूछताछ के बहाने से बुलाकर हवालत में बंद कर दिया।’

आगे कहा, उनके यहां दूसरा कोई कमाने वाला नहीं है। पति मज़दूरी करता है, जुआ खेलता है फिर भी घर उसी से चलता है। दो बच्चे हैं, अगर पति जेल चला जाएगा तो वह अकेले घर कैसे चलाएंगी। जब दूसरे दिन उनके घर रिपोर्टर्स पहुंचे तो उन्होंने सारी बात सच्चाई से बताई कि इसमें उनके पति का हाथ नहीं है। उनके पति ने उन्हें कर्जदारों के पास जाने के लिए नहीं कहा। उन्हें भी पछतावा था कर्ज़ लेने का। आरोप लगाते हुए कहा, रिपोर्टर ने उनकी इस बात को खबर में नहीं दिखाया जो एफआईआर में लिखा गया था।

आगे कहा, खबर की हैडिंग चलाई गई ‘पति ने अपनी पत्नी को लगाया दांव पर’, ‘पति ने किया सौदा’ जिससे गांव में मेरी बहुत बेइज़्ज़ती हो रही है। गांव का नाम भी डाल दिया है। इससे मेरे रिश्तेदारों और लोगों को पता चल गया है।

“मैंने घूंघट कर रखा था नहीं तो यह पत्रकार जो आये थे वह लोग मुझे मेरे चेहरे साथ ही खबर में दिखा देते।”

झूठे आरोप का दावा

पूरे मामले को लेकर आरोपी नन्नू जू की पत्नी बिनू ने खबर लहरिया को बताया, उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वह किसी को क़र्ज़ दें। उनका अपने घर का खर्चा पूरा नहीं होता। पुरानी रंजिश है। शिकायतकर्ता पर आरोप लगाते हुए कहा, ससुर से लड़ाई हुई थी जिसका बदला लिया जा रहा है झूठे आरोप लगाकर। उन्होंने कोई क़र्ज़ नहीं दिया, न ही उनकी इज़्ज़त पर हाथ डाला।

आगे कहा,’झूठ में बदनाम कर रही है। हम खुद खेती-किसानी वाले लोग हैं। उसका आदमी जुआ खेलता है या नहीं खेलता, यह हमें नहीं मालूम। न हम जानते हैं। हमारे पास इतने पैसे नहीं की हम क़र्ज़ दें।’

अतः, मामले में यह भी सामने निकला की कि निर्भरता व रिश्ते की वजह से महिला वो जोखिम और खतरे उठाने को तैयार है जो उसके पति की वजह से है लेकिन वह इन सब चीज़ों के बावजूद उस पर केस नहीं करना चाहती।

इस खबर की रिपोर्टिंग नाज़नी द्वारा की गई है। 

 

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