खबर लहरिया Hindi रंगों से यादों तक: बदलती अवध की होली

रंगों से यादों तक: बदलती अवध की होली

अवध की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि नवाबी तहज़ीब, गंगा-जमुनी संस्कृति और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम मानी जाती रही है। यहां मुस्लिम शायरों ने भी होली पर गीत लिखे और हिंदू समुदाय के साथ मिलकर रंग खेले। ग्रामीण इलाकों में फाग, चौताल और ढोलक की थाप पर होली गाई जाती थी। महिलाएं पारंपरिक फाग गाती थी , जिसमें श्रृंगार, हास्य और सामाजिक व्यंग्य की झलक मिलती थी । लेकिन अब ये कहीं धूमिल सी हो गई है।

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