खबर लहरिया Blog e-KYC, Bihar: राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराने की तिथि          

e-KYC, Bihar: राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराने की तिथि          

बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य के सभी राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी को जरूरी कर दिया है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार 30 मार्च तक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। तय तारीख तक जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराई उनके नाम राशन कार्ड सूची से हटाए जा सकते हैं।

सांकेतिक तस्वीर

बिहार में पिछले कुछ दिनों से राशन कार्ड से नाम कटने की खबर आती रही है। अब इसी से संबंधित बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य के सभी राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी को जरूरी कर दिया है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार 30 मार्च तक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। तय तारीख तक जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराई उनके नाम राशन कार्ड सूची से हटाए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल हर परिवार सदस्य की पहचान का सत्यापन होना जरूरी है ताकि केवल पात्र लोगों को ही योजना का लाभ मिल सके।

यह जानकारी खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य में अविश्वसनीय (जिसपर भरोसा न हो) राशन कार्डों की जांच प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया है। विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्यव्यापी समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। बैठक में सभी जिलों के अनुमंडल पदाधिकारी शामिल हुए। विशेष कार्य पदाधिकारी सृष्टि प्रिया भी बैठक में मौजूद रहीं। समीक्षा के दौरान पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।

अब तक 82 प्रतिशत लाभार्थी का E-KYC पूरा

समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य में अभी तक करीब 82 प्रतिशत राशन कार्डधारकों का E-KYC पूरा हो चुका है। हालांकि लगभग 18 प्रतिशत लाभार्थी अब भी सत्यापन से बाहर हैं। विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि 31 मार्च 2026 तक हर हाल में सभी लाभुकों का E-KYC शत-प्रतिशत पूरा कराया जाए। अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर शेष लोगों का सत्यापन कराएं।

फर्जी और अपात्र राशन कार्ड छांटने में मिलेगी मदद

विशेष सचिव ने कहा कि E-KYC पूरा होने से फर्जी और अपात्र राशन कार्डों की पहचान आसानी से हो सकेगी। कई मामलों में यह सामने आया है कि कुछ कार्डधारकों की मृत्यु हो चुकी है कुछ लोग दूसरे राज्यों में रह रहे हैं और कुछ के नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज हैं। E-KYC के जरिए ऐसे मामलों को चिन्हित कर सूची से हटाया जाएगा ताकि अनाज का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद लोगों को ही मिल सके। 

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कैसे कराएं ई-केवाईसी?

लाभुक अपने नजदीकी जनवितरण प्रणाली की दुकान या निर्धारित केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड की जरूरत होगी। कई जगह बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पूरी प्रक्रिया सरल और निःशुल्क है। आप नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से वीडियो देख कर पूरी प्रक्रिया कर सकते हैं। 

समय पर E-KYC नहीं कराया तो कट सकता है नाम

विभाग ने साफ किया है कि यदि तय समय सीमा तक E-KYC नहीं कराया गया तो संबंधित लाभुक का नाम राशन कार्ड सूची से हटाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि जन वितरण प्रणाली में किसी तरह की अनियमितता न रहे और योजनाओं का लाभ सिर्फ पात्र लोगों तक पहुंचे। इसलिए सभी राशन कार्डधारकों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपना E-KYC पूरा करवा लें।

ऐप से होगी निगरानी, गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई

E-KYC और राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए ‘PDS PARAKH’ (पेडस परकास) और पीडीएस प्रकाश ऐप के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को कहा गया है कि वे इन ऐप के जरिए राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण करें। इससे यह पता चल सकेगा कि किस दुकान पर कितना अनाज बांटा गया और लाभुकों को सही मात्रा में राशन मिला या नहीं। विभाग का कहना है कि डिजिटल निगरानी से पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।

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सिर्फ राशन ही नहीं, अन्य योजनाओं पर भी असर

ई-केवाईसी नहीं कराने पर असर सिर्फ राशन तक सीमित नहीं रहेगा। यदि किसी लाभुक का नाम राशन कार्ड से हटता है तो उसे दूसरी कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। राशन कार्ड रद्द होने की स्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, श्रमिक योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसी अहम योजनाओं से भी वंचित होना पड़ सकता है।

दरअसल इन सभी योजनाओं में राशन कार्ड को एक जरूरी दस्तावेज माना जाता है। ऐसे में अगर कार्ड ही निरस्त हो गया तो पात्र लोग भी लाभ से बाहर हो सकते हैं। इसी वजह से प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस मामले को हल्के में न लें और समय रहते अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करवा लें।

 

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