वाराणसी जिले में वर्ष 2022 में पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए बनाया गया पशु शवदाहगृह आज तक शुरू नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बनने से उम्मीद थी कि मरे हुए पशुओं को खुले में फेंकने की समस्या खत्म होगी, लेकिन चार साल बाद भी यहां एक भी पशु का अंतिम संस्कार नहीं हुआ। ग्राम प्रधान का आरोप है कि कई बार आवेदन और बैठकों में इस मुद्दे को उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं जिला पंचायत सदस्य पूनम मौर्या का कहना है कि लगभग ₹1.5 से ₹2 लाख की लागत से बने इस शवदाहगृह को अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है क्योंकि इसमें कई कमियां हैं।
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