तीन साल से भटकत हौं मजदूरी का नहीं होत सुनवाई

Exif_JPEG_420जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, गांव गोपरा। जयपाल का आरोप है कि वा 2013-14 मा निर्मल भारत के तहत शौचालय बनावैं मा राज्य मिस्त्री का काम करिस है। तबै से आज तक तीन साल होय के बादौ दस हजार रूपिया मजदूरी परी है। प्रधान से लइके बी.ड़ी.ओ. अउर तहसील दिवस मा डी.एम. तक का दरखास दइके खून पसीना से कीन गे मजदूरी का रूपिया मांग चुकेंव, पै कउनौ सुनवाई निहाय।
जयपाल का कहब है कि या समय सूखा के कारन एक एक रुपिया का मुश्किल है। जउने समय मैं काम कीन रहौं वा समय देवीदीन प्रधान रहै अउर
साधना वमरे रोजगार सेवक रहै। अब वहिके शादी होईगे है। कतौ गांव मा काम के नाम का देखाई नहीं देत आय। मैं आपन मजदूरी पावैं खातिर भटकत हौं अउर इं तीन सालन के बीच सैकड़न दरखासैं दई चुकेंव, पै मोर दीन गई दरखासैं कबाड़ मा जइसे जात है। 3 मई 2016 का जबै डी.एम. के तहसील दिवस रहै, तौ मैं फेर दरखास दइके मजदूरी के मांग करेंव अउर बी.डी.ओ. नरैनी के पुकार भे, पै वा कहिस कि या मामला के कारवाही जारी है। जयपाल के मजदूरी दीन जई अब फेर से पन्द्रह दिन होईगे कउनौ सुनाई निहाय।
नरैनी बी.डी.ओ. रामकिसन कहत हैं कि वहिके मजदूरी का रूपिया देवावा जई। कारवाही चलत है।

रिपोर्टर – गीता