कल ही बताएगा कि जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरा आम बजट 2018

आम बजट की घंटी बज गयी है।स खबरों में शुरू हो गया है। बजट से पहले बजट का पूर्वानुमान। सरकार के पूरे बजट से क्या हैं उम्मीदें, जानते हैं जनता जनार्दन से।
महोबा के सुरेश कुमार मिश्रा का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में सुविधा बढ़नी  चाहिए क्योंकि यहां गरीब लोग ज्यादा आते हैं। कुटीर और लघु उद्धोगों को ये बजट सहारा दे क्योंकि नवयुवकों के लिए कोई रोजगार नहीं है।  राहुल कुमार त्रिपाठी का कहना है कि इस सरकार ने बहुत परेशान किया है। जीएसटी लगा दी है जिससे छोटे व्यापारी धंधा नहीं कर पाते हैं।  कौशल विकास योजना के केंद्र प्रबंधक आलोक दीनदयाल का कहना है लोग चाहते है कि बजट में कुछ ऐसा हो कि रोजगार मिले जिससे लोगों की आमदनी बढ़ सके। शहरी और ग्रामीण सभी को रोजगार मिलें।
बांदा के किसान प्रेमचन्द का कहना है कि किसानों की आधी अधूरी कर्ज माफी हुई है। जो एक अनार सौ बीमार वाली कहावत है। सरकार ने माना है कि किसानों की आमदनी में पच्चीस प्रतिशत की कमी आयी हैं। सरकार को किसानों के लिए ठोस योजना नहीं बनाती है।
बांदा महिला किसान फूला देवी ने बताया कि महिलाओं के लिए सरकार कुछ नहीं करती हैं।

रिपोर्टर- सुनीता प्रजापति और मीरा देवी

Published on Jan 31, 2018