खबर लहरिया Blog Weather Update: यूपी, मध्य प्रदेश और दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट, छत्तीसगढ़ में बारिश से मौतें, देश के 22 राज्यों में बारिश अलर्ट 

Weather Update: यूपी, मध्य प्रदेश और दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट, छत्तीसगढ़ में बारिश से मौतें, देश के 22 राज्यों में बारिश अलर्ट 

                                           

मौसम विभाग द्वारा 7 जुलाई को देश के कई हिस्सों के लिए मौसम का ताज़ा अपडेट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग ने देश के 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देश में मानसून का शुरुआत लगभग हो चुका है जिससे उत्तर से लेकर दक्षिण तक झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में आंधी-तूफ़ान के साथ भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

फोटो साभार: खबर लहरिया

लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई राज्यों से बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। बारिश का सबसे सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड इलाकों में देखने को मिल रहा है। यूपी में भी सड़कें डूब गईं, बिजली के खंभे टूट गए और कई घरों की बिजली चली गई। छत्तीसगढ़ में कुछ मौत की भी खबर सामने आई हैं। 

तेज आंधी बारिश के कारण नुकसान और मौत 

बता दें कुछ राज्यों में तेज बारिश के कारण नुकसान और मौत की भी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून और चार दिनों तक लगातार तेज बारिश के कारण भारी तबाही हुई है। राज्य के अलग अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने, करंट लगने और डूबने से दो बच्चों सहित कम से कम पांच लोगों की जान चली गई है। इस मौसम के भयानक रूप से कई लोग घायल भी हुए हैं। 

फोटो साभार: रचना

CG KHABAR के रिपोर्ट अनुसार छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के करमहा गांव में एक मवेशी चराने गए 65 वर्षीय व्यक्ति की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई है। वहीं गोविंदपुर गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से 12 वर्षीय बच्चा और एक 48 वर्षीय व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए। बिलासपुर के हरदीकला गांव में भारी बारिश के कारण बिजली का तार टूटकर एक मकान के किचन लोहे के छप्पर पर गिर गया जिससे 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वहीं कोरबा जिले में भी करंट लगने से दो बच्चों की मौत की भी खबर सामने आई है। मानसून की शुरुआत से अब तक छत्तीसगढ़ राज्य में बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा बिलासपुर में 4, कोरबा में 3, गरियाबंद में 2, सरगुजा में 2 और रायपुर में 2 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा राजनंदगांव में करंट की चपेट में आने से 6 मवेशियों की भी मौत हुई है।                 

फोटो साभार: रचना                       

राजधानी दिल्ली में मौसम का हाल 

बीते कल यानी 7 जुलाई 2026 को दिल्ली में मानसून के पहली बारिश ने दिल्ली एनसीआर का बुरा हाल कर दिया है। 7 जुलाई की शाम तेज हवाओं और बारिश से सड़कें जलमग्न हो गई। कहीं पेड़ उखड़ गए तो कहीं जमीन धंस गई। मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी बारिश के अलर्ट के बीच गुरुग्राम में कई कंपनियों ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी है। दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर नरसिंहपुर के पास मुख्य सड़क धंस गई। 

फोटो साभार: PTI                                                                                                    

दिल्ली में 8 जुलाई से 12 जुलाई तक मौसम अपडेट दिया गया है। मौसम विभाग (IMD) दिल्ली का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ जगहों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न रुकने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश में बारिश का हाल 

मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण पूरे प्रदेश में मौसम बदला हुआ रहेगा। सबसे बड़ी चिंता राज्य के 15 जिलों को लेकर जताई जा रही है जहां अगले 24 घंटों के भीतर मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ आने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले 72 घंटों तक मूसलाधार से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

लगातार बारिश होने की वजह से भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के कारण कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। फ़िलहाल संतोष की बात है कि मध्य प्रदेश से बारिश के वजह से जान-माल की नुक़सान की खबर नहीं आई है। 

उत्तर प्रदेश मौसम अपडेट 

उत्तर प्रदेश में भी 7 जुलाई की शाम को लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, मुरादाबाद सहित 50 शहरों में बारिश हुई। 

फोटो साभार: दैनिक भास्कर                                           

दैनिक भास्कर के रिपोर्ट अनुसार शामली में सड़कों पर नदियों जैसा बहाव दिखा। कारें और बाइकें बहने लगीं। अमरोहा में एक घंटे की बारिश से दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर पानी भर गया। हापुड़ में बाजार में जलभराव हो गया। सहारनपुर के मां शाकंभरी देवी मंदिर के पास गुजरने वाली शाकंभरी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया। अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने लाउडस्पीकर से अनाउंस कर कहा- पानी तेजी से आ रहा है यहां से जल्दी निकल जाएं। बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा सोनभद्र में 31 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 10.5 मिमी से 195 प्रतिशत ज्यादा है।

वहीं अमर उजाला के रिपोर्ट अनुसार मेरठ में हुई तेज बारिश के चलते 33 केवी हाईटेंशन लाइनों में फाल्ट आने से शहर के आठ बिजलीघर ठप हो गए वहीं दूसरी ओर नाले ओवरफ्लो होने से कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं।                                                

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आगे और भी तेज बारिश की आशंका जताई जा रही है। लखनऊ, इटावा, वाराणसी, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, बांदा और कानपुर समेत कई जिलों में बारिश का अनुमान है। यूपी में बारिश का सबसे अधिक असर गोरखपुर, बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, महाराजगंज और आसपास के तराई क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बारिश के कारण कई ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से धान और सब्जियों की फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण छोटे पुलों और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग ने आज सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

8 जुलाई से लेकर 12 जुलाई तक पश्चिमी और पूर्वी उतर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 

वहीं केरल के वायनाड में भी भूस्खलन का वीडियो सामने आया है जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और सात लोग लापता बताए जा रहे हैं। 

मानसून की बारिश जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत देती है वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में लोगों के लिए मुश्किलें भी बढ़ा रही है। लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और फसलों को नुकसान जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। 

 

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