खबर लहरिया Blog अयोध्या के राम मंदिर की छत से टपक रहा पानी, मरम्मत हेतु ज़ारी हुए निर्देश

अयोध्या के राम मंदिर की छत से टपक रहा पानी, मरम्मत हेतु ज़ारी हुए निर्देश

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि “मैं अयोध्या में हूं। मैंने पहली मंजिल से बारिश का पानी गिरते हुए देखा। ऐसा होना लाजमी है क्योंकि गुरु मंडप दूसरी मंजिल खुले आकाश के सामने खुला है और शिखर के पूरा होने से यह ढक जाएगा। मैंने कुछ रिसाव भी देखा है।”

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राम मंदिर की छत से पानी के रिसाव की तस्वीर ( फोटो – सोशल मीडिया)

शनिवार 22 जून को बारिश आने पर अयोध्या में बने राम मंदिर के गर्भगृह से पानी टपकने लगा। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने छत की मरम्मत करने और  वाटरप्रूफ (पानी से बचाए रखने के लिए) बनाने के निर्देश दिए। इसकी जानकारी मंदिर के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने दी और कहा कि पहली बारिश में ही मंदिर की छत से पानी टपका कर हा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह में राम मंदिर का 22 जनवरी को उद्घाटन किया था।

राम मंदिर का उद्धघाटन बड़े जोर शोर से हुआ था लेकिन 22 जनवरी को हुए उद्घाटन के 6 महीने बाद ही बारिश ने मंदिर निर्माण पर सवाल खड़ा कर दिया है। करोड़ों की लागत वाला राम मंदिर बारिश को झेल न सका और मंदिर की छत से पानी टपकने लगा। हालांकि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने इसका कारण मंदिर में चल रहे काम को बताया है।

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कार्य प्रगति होने के चलते पानी टपका

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि “मैं अयोध्या में हूं। मैंने पहली मंजिल से बारिश का पानी गिरते हुए देखा। ऐसा होना लाजमी है क्योंकि गुरु मंडप दूसरी मंजिल खुले आकाश के सामने खुला है और शिखर के पूरा होने से यह ढक जाएगा। मैंने कुछ रिसाव भी देखा है। चूंकि पहली मंजिल पर यह कार्य प्रगति पर है, इसलिए नाली को बंद कर दिया जाएगा। गर्भगृह सेंटोरम में कोई जल निकासी नहीं है क्योंकि सभी मंडपों में पानी की निकासी के लिए ढलान मापी गई है और गर्भगृह सेंटोरम में पानी को मैन्युअल रूप से अवशोषित किया जाता है।”

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र मंदिर पहुंचे और छत की मरम्मत कर उसे वाटरप्रूफ बनाने के निर्देश दिए।

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मंदिर के पुजारी ने कहा ध्यान दें

आचार्य सत्येंद्र दास ने एएनआई को बताया, “पहली बारिश में ही गर्भगृह की छत से पानी टपकने लगा है, जहां रामलला की मूर्ति स्थापित की गई थी। इस मामले पर ध्यान दिया जाना चाहिए और पता लगाया जाना चाहिए कि क्या कमी थी। यह बहुत महत्वपूर्ण है। मंदिर से पानी निकालने के लिए कोई जगह नहीं है।” एएनआई से बातचीत के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया X पर शेयर किया गया।

मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस घटना पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, ‘इतने सारे इंजीनियर यहां हैं और 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा भी हुई, लेकिन छत से पानी टपक रहा है। किसी ने यह नहीं सोचा होगा।’

                                                                             बारिश के बाद राम मंदिर के रास्ते की सड़क धस गई ( फोटो – सोशल मीडिया)

जानकारी के अनुसार भारी वर्षा होने की वजह से अयोध्या में भारी जलभराव हो गया था जिससे राम मंदिर के रास्ते के कुछ हिस्से धंस गए।

 

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