यूपी के चित्रकूट जिले के मऊ ब्लॉक में बरगढ़ क्षेत्र के राज रस्तोगी कपड़ा गोदाम में आग लग गई। यह आग मंगलवार 24 मार्च 2026 को सुबह लगभग 10 बजे लगी। आग लगने की वजह से गोदाम में रखे गए कपड़े पूरी तरह से जल गए। वहीं कुछ कपड़ों में आधा भाग जल गया यानी न वो बेचने लायक नहीं है और न ही पहनने लायक।
रिपोर्ट – सुनीता, लेखन – सुचित्रा
कपड़ा व्यापारी राजकुमार रास्तोगी ने बताया कि इस कारोबार से पूरे परिवार का खर्च चलता था, जिसमें बच्चों की पढ़ाई, शादी-विवाह और घर का रोज़मर्रा का खर्च शामिल है। उन्होंने बताया कि बीच बाजार में उनकी दुकान है और उसी जगह तीन मंजिला मकान बना हुआ है, जिसमें अलग-अलग कमरों में कपड़ा रखा था। सबसे ऊपर वाले कमरे में सर्दियों के कपड़े, बीच वाले में गर्मियों के कपड़े और नीचे दुकान थी, जहां से बिक्री होती थी।
इन्वेटर की बैटरी फटने से लगी आग
राजकुमार रस्तोगी ने बताया कि घटना के समय वे घर पर थे। उनके अनुसार, यह घटना इन्वेटर की बैटरी फटने से हुई जिसके बाद आग लग गई। सामने वाली दुकान पर चाय पी रहे लोगों ने सबसे पहले आग देखी और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे। तब तक आग इतनी तेज हो चुकी थी कि उसकी लपटें बाहर तक निकल रही थीं।
कपड़ा गोदाम मालिक पर दोहरी विपदा
कपड़ा गोदाम मालिक रस्तोगी ने बताया कि करीब तीन महीने पहले एक दुर्घटना में उनका पैर टूट गया था और अभी इलाज चल रहा है। हाल ही में उनके पैर का ऑपरेशन भी हुआ है, जिसमें लगभग 3 लाख रुपये खर्च हुए हैं। परिवार में चार बच्चे हैं। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं और दुकान के काम में भी हाथ बंटाते थे। उन्होंने कहा जब आग लगी तो बाजार के लोगों ने मिलकर करीब दो घंटे में आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सर्दियों के कपड़े ऐसे जल रहे थे जैसे मिट्टी के तेल में आग लगी हो। अगर समय पर आग नहीं बुझती, तो आसपास की अन्य दुकानों में भी आग फैल सकती थी और नुकसान और ज्यादा हो जाता। करीब 10 लाख रुपये का कपड़ा जलकर राख हो गया है।
आग लगने पर कर्ज का भार बढ़ा
कपड़ा गोदाम मालिक राजकुमार रस्तोगी की पत्नी अमिता ने बताया कि प्रयागराज से उठाए गए कपड़ों के करीब 5 लाख रुपये का उधार भी है, जिसे चुकाना अब मुश्किल लग रहा है। अमिताभ ने यह भी कहा कि अधिकारी मौके पर आए जरूर, लेकिन किसी तरह का ठोस आश्वासन नहीं दिया गया।
बर्तन व्यापारी अंकित ने बताया कि राजकुमार रस्तोगी उनके चाचा हैं। अंकित ने कहा कि कुछ कपड़े बच गए हैं, जिन्हें बेचकर फिलहाल वे अपना गुजारा करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से बरगढ़ थाना, मऊ तहसील और लेखपाल मौके पर आए और सर्वे कर के चले गए, लेकिन अभी तक किसी तरह की मदद या मुआवजे का आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में इन्वर्टर की बैटरी फटने से आग लगने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि अगर मुआवजा मिल जाए, तो बच्चों की पढ़ाई में कुछ मदद हो सकती है।
लाखों का नुकसान लेकिन मुआवजा केवल 4200 रुपए
मऊ तहसील के कानूनगो मोहम्मद असलम ने बताया कि उन्होंने लेखपाल को मौके पर भेजा था और उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि बरगढ़ में कपड़ा व्यापारी की दुकान में लगी आग दैवी आपदा की श्रेणी में नहीं आती, क्योंकि यह आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी थी। इस कारण से निर्धारित मुआवजा केवल 4200 रुपये का है, जो काफी कम है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से तहसील स्तर से ज्यादा आर्थिक सहायता नहीं दी जा सकी।
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