बांदा जिले के बाबूलाल चौराहे की सुबह तब शुरू होती है, जब शहर अभी गहरी नींद में होता है। सुबह 4 बजे सफाई कर्मचारी महिलाएं झाड़ू और कूड़ा गाड़ी लेकर सड़कों पर निकल पड़ती हैं। घर की जिम्मेदारियां निभाने के बाद ये महिलाएं शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी उठाती हैं। धूल, बदबू, मौसम और सुरक्षा साधनों की कमी के बावजूद उनका काम रुकता नहीं। यह वीडियो उन महिलाओं की कहानी है, जिनकी मेहनत से शहर की सुबह साफ और व्यवस्थित दिखाई देती है — लेकिन जिनकी मेहनत अक्सर अनदेखी रह जाती है।
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