प्रयागराज जिले के आदिवासी समुदाय के लोग लंबे समय से जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। गांव गुलरहाई की कुन्ती बताती हैं कि यह मांग पीढ़ियों से चली आ रही है, लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
आदिवासी समुदाय के लोग पढ़े-लिखे होने के बावजूद बेरोजगार हैं।
न मजदूरी का काम मिल रहा है, न सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ।
लगभग 90 प्रतिशत लोग रोज़गार के लिए परदेश जाने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मध्य प्रदेश से सटे इलाकों में जनजाति का दर्जा मिलने से वहां के लोगों को शिक्षा, नौकरी और योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन प्रयागराज के आदिवासी इससे वंचित हैं।
इस मुद्दे पर प्रयागराज सांसद उज्जवल रमण सिंह का कहना है कि वे कई बार संसद में इस विषय को उठा चुके हैं और लिखित मांग भी सरकार को दी गई है।