बुंदेलखंड के बाँदा ज़िले में इन दिनों धीरेन्द्र शास्त्री उर्फ़ बागेश्वर बाबा के आगमन को लेकर ज़ोरदार तैयारियाँ चल रही हैं। चौराहों पर पोस्टर लगे हैं, ई-रिक्शों से लाउडस्पीकर पर उनके आने की तारीख़ें बताई जा रही हैं और तिंदवारी से जसपुरा तक गाँव-गाँव जाकर कथा के निमंत्रण दिए जा रहे हैं। जसपुरा, अमारा, गौरी और आसपास के गांवों में अक्षत बाँटे गए, “जय श्रीराम” और “बागेश्वर धाम की जय” के नारे लगे और लोग परिवार समेत कथा में जाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन इस स्वागत के बीच बाबा के पुराने बयानों और दावों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। वे वही कथावाचक हैं जिनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे एक व्यक्ति से कहते दिखे- “मत छुओ, अछूत हो।” महिलाओं को सिंदूर-मंगलसूत्र से परिभाषित करने, अंतरधार्मिक शादियों के ख़िलाफ़ बोलने और भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने पर ज़ोर देने जैसे बयानों के लिए भी जाने जाते हैं।
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