खबर लहरिया Blog वायरल श्वेता की आवाज़ के पीछे छुपी समाज की रूढ़िवादी सोच

वायरल श्वेता की आवाज़ के पीछे छुपी समाज की रूढ़िवादी सोच

कल दोपहर जब ऑफिस के काम से थोड़ी फुरसत मिली, तो हर 21वीं सदी में जी रहे व्यक्ति की तरह सोचा ज़रा फेसबुक और इंस्टाग्राम पर देखूं कि देश और दुनिया में क्या चल रहा है। और इस उम्मीद में सोशल मीडिया खोला  कि शायद उन्नाव में 3 लड़कियों के साथ हुए हादसे की खबर में पुलिस को कोई सुराख मिल गया होगा। लेकिन ट्विटर और फेसबुक को तो कुछ और ही मंज़ूर था। एक श्वेता नाम की लड़की अचानक से ट्रेंड कर रही थी और मात्र एक ही घंटे में उस श्वेता पर कम से कम करोड़ों मीम्स बन चुके थे। पहले तो समझ ही नहीं आया कि भई आखिर है कौन ये श्वेता

अपने आप को सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग मीम्स से अवगत कराने के लिए मैंने सोचा कि चलो श्वेता के बारे में थोड़ी जानकारी कर लेते हैं। थोड़े से ही अनुसंधान के बाद मुझे श्वेता और उसके वायरल होने का कारण पता चल गया। जो शायद बाकी देशवासियों को बहुत तर्कसंगत लगा हो पर मेरे लिए तो यह एक विसंगत से भरी बात थी।

आखिर क्यों हुई श्वेता नाम की लड़की वायरल- 

बताते चलें कि कल श्वेता नाम की एक लड़की की ज़ूम ऐप की ऑडियो वायरल हुई है। जिसमें हम सुन सकते हैं कि श्वेता फ़ोन पर अपने एक करीबी मित्र के बारे में बात कर रही है और पीछे ज़ूम ऐप पर उसकी ऑनलाइन क्लास चल रही है। श्वेता शायद अपना माइक बंद करना भूल गयी है और अपने मित्र की कुछ निजी बातें एक दूसरी दोस्त को बता रही है। श्वेता के सहपाठी उसे टोकते हैं कि श्वेता अपना माइक बंद करो, लेकिन शायद श्वेता ने गलती से ज़ूम के माइक की जगह अपने कंप्यूटर सिस्टम का माइक बंद कर दिया था, जिसके कारण वह किसी की भी बात सुन नहीं पा रही है लेकिन ऑनलाइन मीटिंग में मौजूद बाकी सभी सदस्य उसकी बातें सुन रहे हैं। और तो और उसे रिकॉर्ड भी कर रहे हैं।

देखा जाए तो इस पूरी घटना में कुछ भी ऐसा नहीं था जो लोगों के हंसने का कारण बन सकता था। क्यूंकि अगर एक लड़की गलती से बिना माइक बंद किए किसी लड़के के बारे में कुछ निजी बात कर रही थी, तो ऐसे में उसका मज़ाक उड़ाने के बजाये अगर लोग उसे सही समय पर फ़ोन कर देते या मीटिंग का व्यवस्थापक उसे ज़ूम मीटिंग से अलग (डिसकनेक्ट) कर देता तो शायद आज उस श्वेता नाम की लड़की को देश भर के सामने ऐसे अपमानित होना पड़ता, और लोगों के हास्य कार्यक्रमों की नायिका बनना पड़ता। 

उठाए जा रहे हैं महिलाओं की समझने की क्षमता पर सवाल-

क्यूंकि वो एक लड़की थी इसलिए आज उसपर मीम्स बन रहे हैं, उसका अपमान किया जा रहा है, उसकी शिक्षा, ज्ञान और समझने की क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ट्विटर के एक यूज़र का कहना है– “अरे एक लड़की से तुम लोग कैसे उम्मीद रख सकते हो कि उसे ज़ूम ऐप चलाना आता होगा!”  तो वहीं दुसरे यूज़र ने कटाक्ष लेते हुए कहा– “अरे भाई, लड़कियों की तो फितरत होती है गॉसिप (गपशप) करने की।” 

एक 3 मिनट की ऑडियो से देश भर के लोग इतने प्रभावित हो गए कि उन्होंने एक महिला की फितरत से लेकर उसकी बुद्धि पर बाढ़ कस दिए। 

अगर महिला की जगह कोई युवक होता तो ये ऑडियो वायरल न होता-

कभी सोचा है कि अगर श्वेता की जगह पर कोई युवक होता तो क्या होता? 

मैं बताती हूँ। सबसे पहले तो उस मीटिंग में जुड़े सारेबुद्धिमान पुरुषउसे फ़ोन करके बताते कि उसका माइक बंद नहीं है या उससे पहले ही मीटिंग का व्यवस्थापक उसे ऑनलाइन मीटिंग से हटा देता। और एक मिनट को मान भी लेते हैं कि ऐसा कुछ नहीं होता और वो लड़का अपनी किसी महिला मित्र की सेक्स की लत बारे में बात कर रहा होता, तो आज मीम्स उस लड़के पर नहीं बल्कि उस महिला मित्र पर बन रहे होते। 

इसका कारण ये है कि हमारे समाज को अभी भी बर्दाश्त नहीं है कि महिलाएं खुली सोच रखें और सेक्स जैसी निजी और “गुप्त” चीज़ों के बारे में खुलकर बात करें।

श्वेता के साथ भी ऐसा ही हुआ, क्यूंकि वो एक महिला है और सेक्स के बारे में बात कर रही है, इसलिए लोगों को हंसी रही है, उसपर मीम्स बन रहे हैं, श्वेता नाम की हर लड़की का मज़ाक उड़ाया जा रहा है। और हाँ ये वही लोग हैं जो शायद वास्तव में खुद सेक्स एजुकेशन जैसे मुद्दों पर कभी बात करते हों और अपने बच्चों के सामने इस शब्द का नाम लेने में भी डरते हों। 

समाज को ज़रुरत है अपनी सोच बदलने की-

ऐसे छोटेछोटे और गैरज़रूरी मामलों का मुद्दा बनाना सिर्फ यही दर्शाता है कि इस देश का नागरिक भले ही अपने आपको कितना भी खुले विचारों वाला और खुली सोच रखने वाला बता दे, लेकिन अंदर से वह अभी भी पितृसत्ता नाम की बेड़ियों में महिलाओं को जकड़ना चाहता है। और उम्मीद रखता है कि लड़कियां अपने सपने, अपनी सोच त्याग कर पुरुषों के लिए जीवन समर्पण कर दें। 

कभी सोचा है कि इस पूरे देश ने अपने खुद के मनोरंजन के लिए एक लड़की की इज़्ज़त, प्रतिष्ठा और सबसे महत्वपूर्ण उसके मानसिक स्वास्थय को दांव पर लगा दिया। कभी सोचा है कि करोड़ों लोगों के सामने अपनी यह छवि देखकर उस श्वेता पर क्या बीत रही होगी जिसकी आवाज़ अब एक हास्य का पात्र  बन चुकी है।

इसलिए ज़रूरी है कि अगली बार कुछ भी ट्रेंड करने से पहले, कुछ भी वायरल करने से पहले और किसी भी इंसान पर मीम्स बनाने से पहले, उसके पीछे का कारण और खोजबीन अच्छे से कर ली जाए। ताकि श्वेता की तरह किसी और लड़की के चरित्र पर लांछन लगे।

श्वेता की वायरल वीडियो को देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-

इस खबर को खबर लहरिया के लिए फ़ाएज़ा हाशमी द्वारा लिखा गया है।