प्यार, भरोसा और साथ निभाने का फैसला जब जाति की दीवार से टकराता है तो नतीजा अक्सर हिंसा में बदल जाता है। कर्नाटक और बिहार से सामने आई ये घटनाएं सिर्फ़ दो परिवारों की त्रासदी नहीं हैं ये उस समाज का आईना हैं जहां अंतरजातीय विवाह अब भी इज़्ज़त के नाम पर अपराध मान लिया जाता है।
अंतरजातीय शादी बना हत्या की वजह
कर्नाटक के हुबली तालुक में एक गर्भवती महिला की हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना कर्नाटक के हुबली ग्रामीण थाना क्षेत्र के इनाम वीरपुरा गांव की है। आरोप है कि अनुसूचित जाति के युवक से शादी करने के कारण एक व्यक्ति ने अपनी ही 20 वर्षीय बेटी मान्या पाटिल की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस हमले में महिला के सास-ससुर भी घायल हुए हैं। मान्या को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां सिर में गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इस हिंसा में उसका अजन्मा बच्चा भी नहीं बच सका।
घर में घुसकर किया गया हमला
पुलिस के अनुसार धारवाड़ के पुलिस अधीक्षक गुंजन आर्य ने बताया कि मान्या के पिता प्रकाशगौड़ा पाटिल और उनके कुछ रिश्तेदारों ने उसके पति के घर में घुसकर हमला किया। आरोपियों ने कुल्हाड़ी और लोहे के स्प्रिंकलर पाइप जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया। गंभीर रूप से घायल मान्या को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन करीब तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई। उसके ससुर और सास का इलाज अभी चल रहा है।
पहले भी मिल रही थीं धमकियां, जांच जारी
मान्या ने इसी साल अपने गांव के मदार समुदाय के युवक विवेकानंद से शादी की थी। दोनों की मुलाकात कॉलेज के दौरान हुई थी और उन्होंने हुबली में शादी का पंजीकरण कराया था। परिवार की नाराज़गी और लगातार मिल रही धमकियों के कारण दंपति कुछ समय के लिए हावेरी में रहने चले गए थे। पुलिस ने पहले ही दोनों परिवारों को चेतावनी दी थी लेकिन हालात नहीं बदले। घटना के दिन पहले विवेकानंद और उसके पिता पर खेत में हमला किया गया फिर आरोपियों ने घर पर धावा बोला।
पुलिस ने इस मामले में मान्या के पिता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है। इस घटना में बाकी की जांच की प्रक्रिया चल रही है।
ऐसी ही एक खबर बिहार सी भी देखने को मिली है। बिहार के मधेपुरा ज़िले के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र में लव मैरिज से नाराज़ परिजनों ने एक युवक को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह घटना झंझरी गांव के पास हुई। घायल युवक की पहचान बाड़ा वार्ड छह निवासी किशोर कुमार सिंह के 24 वर्षीय बेटे शांतनु कुमार के रूप में हुई है। गोली लगने के बाद उसे तुरंत ग्वालपाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां से प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए मधेपुरा के JNKT मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल वहां उसका इलाज चल रहा है।
छह महीने पहले की थी कोर्ट मैरिज
मीडिया रिपोर्टिंग के अनुसार शांतनु कुमार ने बताया कि उसने करीब छह महीने पहले सुपौल जिले के बलुआ बाजार थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव की रहने वाली साक्षी प्रिया से कोर्ट मैरिज की थी। दोनों के बीच पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध था और जून 2025 में उन्होंने कानूनी रूप से शादी कर ली। हालांकि यह विवाह साक्षी के परिजनों को स्वीकार नहीं था और शादी के बाद से ही उसके मामा की ओर से विरोध और दबाव बनाया जा रहा था।
पत्नी शिक्षिका, पति कर रहा है पढ़ाई
शांतनु के अनुसार शादी के कुछ दिनों तक उसकी पत्नी उसके साथ खाड़ा में रही लेकिन बाद में वह अपने मायके चली गई। साक्षी प्रिया वर्तमान में BPSC से बहाल शिक्षिका हैं जबकि शांतनु किशनगंज में बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा है। शांतनु ने बताया कि 21 दिसंबर की सुबह लड़की के मायके पक्ष से उसके पिता को फोन आया और कहा गया कि पूरे परिवार के साथ ग्वालपाड़ा आकर बातचीत की जाए ताकि मामला सुलझाया जा सके।
रास्ते में घात लगाकर हमला
शांतनु के पिता किशोर कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले कुछ रिश्तेदारों को कार से ग्वालपाड़ा भेज दिया था और वह खुद अपने बेटे के साथ बाइक से निकले। रास्ते में झंझरी गांव के पास एक पुल के नज़दीक दो युवक पहले से बाइक के साथ खड़े थे। उन्होंने रुकने का इशारा किया और जैसे ही दोनों रुके आरोपियों ने अचानक गोली चला दी। गोली शांतनु के बाएं हाथ में लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायल के पिता ने लड़की के मामा राजीव रंजन और नीतीश कुमार पर हमले का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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