मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में 1 मार्च 2026 को आज़ाद समाज पार्टी (काशीराम) के वरिष्ठ नेता दामोदर यादव की सभा को लेकर जिले में तनाव की स्थिति बन गई। दामोदर यादव वर्ष 2023 में सेवढ़ा (दतिया) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। हाल ही में वे बुंदेलखंड क्षेत्र में “संविधान बचाओ यात्रा” के तहत सभाएं कर रहे हैं। इस यात्रा की शुरुआत उन्होंने 6 दिसंबर 2025 से की थी जिसके कारण वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
रिपोर्टिंग – अलीमा, लेखन – रचना
दरअसल मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में 1 मार्च को आज़ाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव की सभा को लेकर माहौल गरमा गया था। दामोदर यादव “संविधान बचाओ यात्रा” के तहत यहां पहुंचे थे और उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा न कि चमत्कार या पर्चियों से। उन्होंने बिना नाम लिए बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर तंज करते हुए कहा कि धर्म का इस्तेमाल लोगों को गुमराह करने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर तंज करते हुए कहा की पर्चियां काटकर लोगों का भविष्य बताने से नहीं नहीं बल्कि संविधान से देश और समाज का सम्मान होगा। उन्होंने इस सभा में बगैर किसी के नाम लिए ही यह कह दिया कि कुछ लोग धर्म की दुकान पर्ची काटकर चलाते हैं जबकि हम संवैधानियों को सम्मान देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी धर्म या संत के विरोधी नहीं है लेकिन धर्म का उपयोग करके गैर संवैधानिक गतिविधियों और पाखंड के खिलाफ है।
सभा से पहले कुछ सनातन धर्म से जुड़े युवाओं ने विरोध किया और पुतला जलाया जिससे तनाव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए और कुछ लोगों को नजरबंद किया। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद मेला ग्राउंड में सभा शांतिपूर्वक हुई जहां दामोदर यादव ने बताया कि उनकी यात्रा का मकसद ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग करना और धर्म की आड़ में होने वाले पाखंड के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है। यह यात्रा ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की संकल्प को लेकर कर रहे हैं।
यात्रा का उद्देश्य और बाबा साहेब की प्रतिमा की मांग
दामोदर यादव ने बताया कि उनकी संकल्प यात्रा का मुख्य उद्देश्य ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कराना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा नागपुर से होकर ग्वालियर तक जा रही है और 11 मार्च को डबरा में एक विशाल रैली के साथ समाप्त होगी। उनके अनुसार यह यात्रा सामाजिक मुद्दों को उठाने, धर्म की आड़ में जमीन हड़पने के मामलों के खिलाफ आवाज़ उठाने और लोगों को संविधान के प्रति जागरूक करने के लिए निकाली जा रही है।
सभा से पहले विरोध और पुतला दहन
जैसे ही सोशल मीडिया पर यह खबर फैली कि दामोदर यादव 1 मार्च को छतरपुर में सभा करने आ रहे हैं कुछ सनातन धर्म से जुड़े युवाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने दामोदर यादव का पुतला जलाया और चेतावनी दी कि अगर वे आए तो विरोध किया जाएगा। इन युवाओं ने प्रशासन को ज्ञापन देकर मांग की कि उन्हें सभा की अनुमति न दी जाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने यहां तक कहा कि अगर दामोदर यादव आए तो उन्हें जूते की माला पहनाई जाएगी। इस विरोध के कारण जिले में तनाव का माहौल बन गया।
समर्थन में उतरे पूर्व विधायक आरडी प्रजापति
वहीं दूसरी ओर चंदला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति दामोदर यादव के समर्थन में सामने आए। उन्होंने कहा कि दामोदर यादव जहां भी जाएंगे वे वहां संविधान की ही बात करेंगे और किसी को लड़ाने नहीं आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग खुद को सनातनी बताते हैं वही हिंदुओं के खिलाफ मोर्चा निकालते हैं और पुतला दहन करते हैं। गुस्से में उन्होंने यह भी कहा कि अगर विरोध जारी रहा तो वे भी बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री का पुतला दहन करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि दामोदर यादव छतरपुर आएंगे और सभा करेंगे।
पुलिस की तैयारी और शांतिपूर्ण सभा
दोनों पक्षों के बयानों को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी शुरू कर दी। छतरपुर के एसपी आगम जैन के निर्देश पर सभी थानों की पुलिस को ट्रेनिंग दी गई जिसमें आंसू गैस छोड़ने और पानी की बौछार करने जैसे उपायों का अभ्यास कराया गया। यह ट्रेनिंग दो दिन तक चली ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। 28 फरवरी की रात प्रशासन ने दामोदर यादव की सभा की अनुमति दे दी। इसके बाद पुलिस ने एहतियातन कुछ विरोध करने वाले लोगों को नजरबंद कर दिया ताकि शांति बनी रहे।
प्रशासन से मिली अनुमति
28 फरवरी की रात प्रशासन ने दामोदर यादव की छतरपुर में सभा करने की अनुमति दे दी। इसके बाद पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने अपनी गाड़ी से इलाके में घूम-घूमकर लोगों से अपील की कि दामोदर यादव 1 मार्च को छतरपुर के मेला ग्राउंड में आ रहे हैं और वे किसी लड़ाई के लिए नहीं बल्कि संविधान और गरीबों के अधिकारों की बात करने आ रहे हैं। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से सभा में पहुंचने की अपील की।
वहीं दूसरी ओर दामोदर यादव के आगमन से पहले प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए। जिन लोगों ने विरोध की धमकी दी थी और जूते की माला पहनाने जैसी बातें कही थीं पुलिस ने उन्हें उनके घरों से पकड़कर नजरबंद कर दिया। प्रशासन का कहना था कि यह कार्रवाई किसी भी तरह की हिंसा या विवाद को रोकने और जिले में शांति बनाए रखने के लिए की गई।
1 मार्च को छतरपुर जिले के मेला ग्राउंड में दामोदर यादव आए और उन्होंने अपनी सभा आयोजित की उन्होंने अपनी सभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा “इस देश में पाखंड के खिलाफ हम लड़ते रहेंगे क्योंकि हमारा देश संविधान से चलेगा और हम संविधान को यहां पर लागू करेंगे और उन्होंने यह भी कहा कि हमारी संकल्प का यात्रा मुख्य उद्देश्य यह है कि मंडल संकल्प यात्रा ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग करना जो 11 मार्च को डबरा में एक विशाल रैली के साथ संपन्न होगी। संकल्प यात्रा हम लोग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अंबेडकर प्रतिमा की मांग को उठाने के लिए यह यात्रा नागपुर से होकर ग्वालियर तक जा रही है जिसका उद्देश्य बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापना है।?
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते हैतो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

