छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले का रहने वाला यह मजदूर रोज़गार की तलाश में केरल गया था। घटना वाले दिन अफ़वाहों के आधार पर कुछ स्थानीय लोगों ने उसे बांग्लादेशी नागरिक समझ लिया और उस पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के परिवार को तत्काल सहायता देने के लिए छत्तीसगढ़ और केरल सरकारों के बीच समन्वय बनाया गया। स्थानीय प्रशासन ने परिजनों से संपर्क कर शव को सुरक्षित तरीके से वापस भेजने की व्यवस्था की। इस दौरान कई सामाजिक संगठनों और मजदूर यूनियनों ने भी पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर देश में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, पहचान और अधिकारों को लेकर गहरे सवाल खड़े करती है।
मज़दूरी की तलाश में गया केरल
छत्तीसगढ़ के करही गांव का रहने वाला रामनारायण बघेल बीते पांच सालों से रोज़गार की तलाश में अपने राज्य से बाहर जाकर मज़दूरी कर रहा था। उसका सपना था कि मेहनत की कमाई से अपना पक्का घर पूरा करे और अपने परिवार पत्नी, दो छोटे बच्चों और बुज़ुर्ग मां को बेहतर ज़िंदगी दे सके। घर की ज़िम्मेदारी उसके कंधों पर थी, इसलिए वह बार-बार दूसरे राज्यों में काम करने जाता रहा।
हाल ही में वह अकेला केरल गया था। परिवार का कोई सदस्य उसके साथ नहीं जा सका। गांव के कुछ लोग पहले से केरल में मज़दूरी कर रहे थे उन्हीं के सहारे वह पलक्कड़ ज़िले के वालैयार इलाके पहुंचा। वहां पहुंचने के महज़ तीन दिन बाद ही उसकी जान चली गई। स्थानीय लोगों ने उसे बांग्लादेशी नागरिक समझ लिया और इसी शक के आधार पर उसे घेरकर बेरहमी से पीटा गया,जिससे उसकी मौत हो गई। मेहनत और उम्मीदों के साथ घर से निकला एक मज़दूर अपने परिवार के लिए कुछ कर पाने से पहले ही हिंसा का शिकार हो गया।
पांच आरोपी की हुई गिरफ्तारी
नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार पलक्कड़ जिले के एसपी अजीत कुमार ने बताया है कि ‘हत्या का मामला दर्ज किया गया है और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’ उन्होंने कहा कि इसमें शामिल और भी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केरल के मुख्यमंत्री ने क्या कहा-
जानकारी के अनुसार केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने पलक्कड़ ज़िले के वालयार में हुई भीड़ हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि इस घटना में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के मूल निवासी रामनारायण के परिवार को न्याय दिलाना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने साफ़ शब्दों में कहा कि इस तरह की हिंसक घटनाएं केरल जैसे प्रगतिशील समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और इन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विजयन ने यह भी भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके अनुसार मामले की जांच के लिए जिला पुलिस प्रमुख की अगुवाई में एक विशेष जांच दल गठित किया गया है जो पूरी घटना की गहन जांच कर रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की मदद की घोषणा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ इस तरह की हिंसा एक सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ने कहा- “केरल के पलक्कड़ में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल जी के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत अमानवीय घटना से मैं गहराई से व्यथित हूं। किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ इस प्रकार की हिंसा सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है।”
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