कहते है हर इन्सान के पास कुछ न कुछ टैलेंट होता है लेकिन हर किसी को अपना टैलेंट दिखाने के लिए कोई प्लेटफार्म नहीं मिलता बहुत से ऐसे टी वी शो हैं सिंगिग काँमेडी डाँस जैसी कला को दिखाने का मौका मिलता लेकिन वहां तक सबको पहूचने का मौका नहीं मिलता सबका सपना बन कर रह जाता है लोग सोचते हैं काश हमें भी मौका मिलता और हम भी मै भी अपनी अदा दिखा पाते | तो ऐसी ही प्रतिभाओं को दिखाने के लिए एक एप बना जिसका नाम है टिक-टॉक
दो हजार 17 मे आया टिक-टॉक ऐप्स जैसे बच्चों बड़ों जवानों के लिए एक अच्छा प्लेटफार्म मिला जहां लोग घर बैठे अपने कला को दूनिया भर मे दिखा सकते हैं
एक तरह से बहुत अछ्छा भी है और थोडा खराब भी लोगों को टीकटाक का नशा इतना चढा की उन्हें कुछ नहीं दिखता अपना हुनर दिखाने का मौका मिला तो वही टिक-टॉक खतरनाक भी कही टीकटाक घर की कलह बन रहा है तो कही सडकों पर होने वाली दुर्घटना को दावत भी दे रहा हैबुंदेलखंड की प्रतिभा को निखारने में लगे हैं डॉ धनंजय सिंह
कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने टीकटाक को अपना कैरियर बना लिया है और कुछ लोगों ऐक्टिंग की दूनियां मे जाने का मौका भी मिला
ऐसे ही कुछ टिक-टॉक कलाकार है हमारे बुन्देलखण्ड के चित्रकूट जिले मे जिन्हें टीकटाक बहुत पसंद हैं कर्वी के गणेशबाग मे शूटिंग करते अक्सर दिखाई देते आसपास के महौल से बेखबर मस्त रहते हैं टीकटाक की शूटिंग मे और बनाते हैं नया नया विडिओ फिर इन्तजार करते हैं लाइक काँमेट का