खबर लहरिया Blog मध्यप्रदेश- नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में निकाली गई रैली में हुआ हंगामा

मध्यप्रदेश- नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में निकाली गई रैली में हुआ हंगामा

नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले 36 दिनों से महिलाओं की अगुवाई में प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के शाहीन बाग से शुरू हुआ प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में फैल रहा है और लखनऊ, इलाहाबाद जैसे कई शहरों में इसी तरह महिलाएं CAA, NRC के विरोध में बैठी हैं। ये सिर्फ शाहीन बाग़ की बात नहीं है पूरा देश इसके विरोध में उबल रहा है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ में 19 जनवरी को नागरिकता संशोधन एक्टश (सीएए) के समर्थन में निकाली गई एक रैली के दौरान विवाद सामने आया है, बताया जा रहा है कि राजगढ़ में धारा 144 लगी होने के बावजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली निकाली। इस रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने एक कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया। जिसके बाद मामला और बढ़ गया। भीड़ में से ही किसी ने प्रदर्शनकारी डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के बाल खींच दिए।
इस मामले में दो लोगों पर केस दर्ज किया गया है। जिन दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनके से एक नामजद है और एक अज्ञात है। इसके अलावा धारा 144 के उल्लंघन पर भी करीब 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

बिना परमिशन रैली निकालने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने थप्पड़ मारे। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच धक्का मुक्की होने का मामला भी प्रकाश में आया है। भीड़ में ही किसी के द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

 

दिल्ली के शाहीन बाग से शुरू हुआ विरोध आज देश के अन्य हिस्सों में भी बढ़ रहा है। लखनऊ, पटना, इलाहाबाद में भी महिलाएं अब सड़कों पर इस कानून के खिलाफ बैठने लगी हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में महिलाएं CAA, NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। शाहीन बाग़ का मुद्दा पूरे देश का चर्चित मुद्दा बन गया है पिछले एक महीने से महिलाएं बच्चे बूढ़े जवान लगातार प्रोटेस्ट कर रहे हैं शाहीन बाग़ से लोगों को हटाने के लिए पुलिस काफी प्रयास कर रही है लेकिन प्रदर्शनकारियों का “लेके रहेंगे आजादी” का ज़ज्बा कायम है।
यहाँ से लोगों को हटाने के लिए आरोप भी लगाये गये की यहाँ आने के लिए हर महिला को 500 रूपये दिए जा रहे हैं। इस आरोप के जवाब में वहां “नो कैश नो पेटीएम” का बोर्ड भी लगाया गया है।

नागरिकता संशोधन बिल को मध्य प्रदेश में रोके जाने पर लोगों ने किया प्रदर्शन

 

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर ये पोस्टर यह बताने के लिए लगाए गए हैं कि न यहां कोई पैसे ले रहा है और न कोई पैसे दे रहा है। हालाकि पुलिस शाहीन बाग़ से नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ प्रदर्शनकारियों को हटाने का काफी प्रयास कर रही है लेकिन वो अपनी मांग पूरी होने तक नहीं हटेंगे।