गैस के लिए लोग लंबी लंबी क़तारों में लगे हुए हैं। ईरान इज़राइल का युद्ध सीधे आम लोगों को जीवन में प्रभाव डाल रहा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण देश भर में एलपीजी (LPG) संकट गहरा गया है। सोशल मीडिया में लगातार अलग अलग जगहों से गैस के लिए परेशान लोगों की वीडियो और तस्वीर देखी जा रही है।
पिछले कुछ दिनों से देशभर में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ जगहों पर सप्लाई को लेकर खबरें आईं, होटल-रेस्टोरेंट संगठनों ने भी चिंता जताई जिससे लोगों के मन में सवाल और डर उठने लगे है कि कहीं देश में गैस की कमी न होने लगे।
गैस के लिए लोग लंबी लंबी क़तारों में लगे हुए हैं। ईरान इज़राइल का युद्ध सीधे आम लोगों को जीवन में प्रभाव डाल रहा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण देश भर में एलपीजी (LPG) संकट गहरा गया है। सोशल मीडिया में लगातार अलग अलग जगहों से गैस के लिए परेशान लोगों की वीडियो और तस्वीर देखी जा रही है। इसके विरोध में कई जगहों में लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इस गैस के चलते लोगों के घर में आग नहीं जल पा रही। लोगों के घरों में शादी विवाह जैसे कार्यक्रम है जिसके लिए लाइन में खड़े गैस का इंतिज़ार कर रहे हैं।
LPG Shortage: गैस सिलेंडर को लेकर बढ़ी चिंता, देश के कई राज्यों में LPG को लेकर लगी कतारें
कई राज्यों से होटल-रेस्टोरेंट और कॉलेज हॉस्टल बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से जुड़े भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के हॉस्टल में भी मेस बंद कर दिए जाने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि अब वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं को अपने खाने का इंतजाम खुद करना पड़ रहा है। संस्थान की एक छात्रा ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि हॉस्टल की मेस बंद होने के बाद भोजन की पूरी व्यवस्था छात्रों पर छोड़ दी गई है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की व्यवस्था करने में परेशानी हो रही है।
खबर लहरिया ने ग्राउंड में जाकर लोगों से उनकी समस्या जानने की कोशिश की। बांदा जिले की रहने वाली भगवती गुप्ता बताती हैं कि वे पिछले तीन दिन से गैस सिलेंडर का चक्कर लगा रही हैं उनके बावजूद उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिली। वे कहती हैं “अब उम्मीद नहीं है कि सिलेंडर मिल पाएगी।” उन्होंने बताया पहले घर सिलेंडर बुक कर लिया जाता था अब एजेंसी आना पड़ रहा है क्यों की फ़ोन करने पर बोला जा रहा है कि “हमें ही गैस नहीं मिल रहा” और फिर फ़ोन कट कर दिया जा रहा है।
दिलीप शुक्ला जो सिकौरी चित्रकूट के प्रधानअध्यापक हैं ने बताया कि अब तक जो सिलेंडर था उसमें बच्चों के लिए खाना बनाया जा रहा है। दूसरा सिलेंडर खाली है तो अभी आगे का कुछ कहा नहीं जा सकता। उनका कहना है कि सरकार ध्यान दें तो स्कूल के बच्चों को किसी भी तरह की समस्या नहीं आएगी।
नसीम सिद्दकि जो चित्रकूट के ज़ायक़ा होटल के मालिक हैं वे कहते हैं एक्स्ट्रा पैसा दे कर सिलेंडर ख़रीद रहे हैं। “जब तक चलता है तब चला रहे हैं स्थिति को देखते हुए नहीं चलता है तो होटेल बंद कर देंगे।” उन्होंने बताया पहले गैस 1600 के क़रीब मिल जाता था लेकिन अब गैस की क़ीमत 2200 से 2300 हो गई है।
एलपीजी की कमी को लेकर आ रही खबरों के बीच बस्ती में एक गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की बड़ी भीड़ देखने को मिली। सिलेंडर लेने के लिए लोग अपने-अपने गैस सिलेंडर लेकर एजेंसी की ओर दौड़ते नजर आए, जिससे वहां अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया।
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सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा रहा है कि गैस के लिए लाइनों में लगे लोगों के बीच मारपीट हो रही है। गैस के लिए लोग आपस में ही लड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गैस सिलेंडर लेने के लिए लगी लंबी लाइन के दौरान दो लोग आपस में ही लड़ने लगे।
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गैस सिलेंडर की कमी और लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए अब कई लोग खाना बनाने के लिए दूसरे विकल्प तलाशने लगे हैं। ऐसे में काफी लोग बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों का सहारा ले रहे हैं। जिन घरों में गैस समय पर नहीं मिल पा रही है वहां लोग इंडक्शन पर ही रोज़मर्रा का खाना बना रहे हैं। हालांकि बिजली पर निर्भर होने से खर्च और बिजली कटौती जैसी नई परेशानियां भी सामने आ रही हैं।
#WATCH भोपाल, मध्य प्रदेश: कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच, सागर गैरे फास्ट फूड में पारंपरिक खाना पकाने के तरीकों के बजाय इंडक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। pic.twitter.com/mkyNxxCajP
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 12, 2026
जहां इंडक्शन की सुविधा नहीं की जा पा रही हैं वहां चूल्हों से भी खाना बनया जा रहा है। ये सिर्फ घर नहीं होटल और ढाबे में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
महाराष्ट्र: वैश्विक तनाव के बीच गैस की कमी के कारण, छत्रपति संभाजीनगर के महावीर चौक में शिवगणेश होटल सहित कई होटल, लकड़ी का उपयोग कर खुले चूल्हे पर खाना बना रहे हैं। होटल मालिक प्रवीण कुमार कहते हैं आग की गर्मी की वजह से हमें होटल बंद करना पड़ सकता है। PTIpic.twitter.com/0veF9brApM
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) March 11, 2026
लाइन में लगे हुए लोग हो रहे हैं शारीरिक बीमार
इतना ही नहीं कुछ ऐसे भी विडियो देखने को मिले जहां लंबी लाइनों में घंटो से खड़े लोग बीमार पड़ रहे हैं। गैस किल्लत की अफवाहें अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी हैं।श्रावस्ती उत्तर प्रदेश में गैस ऐजेंसी के बाहर सुबह से लंबी लाइन में लगी महिला गैस के लिए हो रही धक्का-मुक्की में गिर कर बेहोश हो कर गिर गई।
लोग सिलेंडर की लाइन में लगे बेहोश हो रहे हैं और मोदी जी चुनावी भाषणों में मस्त हैं !
श्रावस्ती उत्तर प्रदेश में गैस ऐजेंसी के बाहर सुबह से लंबी लाइन में लगी महिला गैस के लिए हो रही धक्का-मुक्की में गिर कर बेहोश हो गई !
पूरे देश में गैस को ले कर हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन पूरी की… pic.twitter.com/56SOa3YYuo
— Pankhuri Pathak पंखुड़ी पाठक پنکھڑی (@pankhuripathak) March 11, 2026
एक ऐसा ही मामला बिहार से भी देखने को मिला। बिहार के कटिहार में एक लड़की गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंची हुई थी। लड़की भी गैस के लिए लगी लंबी और भिड़ से भरी लाइन में खड़ी हो गई। घंटो लाइन में खड़े होने के बावजूद लड़की को गैस नहीं मिली। शारीरिक थकान के कारण उसकी तबियत खराब हुई और बेहोश हो गई जिसके बाद उसे अस्पताल पहुँचाया गया।
लोगों द्वारा किया जा रहा है विरोध प्रदर्शन
एलपीजी संकट को लेकर संसद भवन परिसर में विपक्षी दलों ने अलग अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कई महिला सांसदों के साथ प्रियंका गांधी भी शामिल हुईं और बढ़ती गैस समस्या को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराज़गी जताई।
VIDEO | Delhi: Opposition leaders stage a protest at the Parliament premises over reported LPG shortage.
(Full video available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/6ZGqj014wY
— Press Trust of India (@PTI_News) March 12, 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और शहर में गैस की कमी को लेकर कानपुर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 11 मार्च 2026 को मेस्टन रोड पर विरोध प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ता हलवाई दुकानदारों के पास गैस सिलेंडर और खाली चूल्हे लेकर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
घरेलू गैस सिलेंडर में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये की बढ़ोतरी के विरोध में मध्य प्रदेश के दतिया जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा के नेतृत्व में हुआ। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और गैस सिलेंडर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई।
इसी क्रम में खंडवा में शहर जिला कांग्रेस ने रसोई गैस के बढ़े दामों के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चूल्हे पर चाय बनाकर आम लोगों को पिलाई और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
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राजस्थान के जयपुर के मालवीय नगर इलाके में एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई, बेरोजगारी और जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही सरकार से आम लोगों को राहत देने और गैस सिलेंडर की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग भी की।
LPG गैस सिलेंडर रसोई के अलावा इंटरनेट पर भी डाल सकता है असर
देश में एलपीजी की कमी अब केवल रसोई गैस तक सीमित नहीं रह गई है। इसका असर टेलीकॉम सेक्टर पर भी पड़ने की बात सामने आ रही है। डिजिटल बुनियादी ढांचे से जुड़े उद्योग संगठन डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) ने कहा है कि सरकार के निर्देश के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने टेलीकॉम टावर बनाने वाली कंपनियों को एलपीजी की सप्लाई रोक दी है। सरकार ने फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित रखने के लिए कहा है।
ऐसे में कंपनियों का कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ईंधन संकट के चलते मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना बन सकती है।
टेलीकॉम टावर बनाने में क्यों जरूरी होती है एलपीजी
टेलीकॉम टावर बनाने की प्रक्रिया में धातु को मजबूत और जंग से बचाने के लिए गैल्वनाइजेशन नाम की प्रक्रिया की जाती है। इस काम में एलपीजी या गैस आधारित ईंधन की जरूरत होती है। इसी वजह से टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों को लगातार गैस की सप्लाई चाहिए होती है लेकिन अगर एलपीजी की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है तो टावर निर्माण का काम धीमा पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो भविष्य में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर देखने को मिल सकता है।
गैल्वेनाइजेशन क्या होता है?
गैल्वेनाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें लोहे या स्टील को जंग लगने से बचाने के लिए उसके ऊपर जिंक (जस्ता) की एक पतली परत चढ़ाई जाती है। यह परत लोहे को हवा और नमी के सीधे संपर्क में आने से रोकती है जिससे धातु जल्दी खराब नहीं होती और लंबे समय तक मजबूत बनी रहती है।
मोबाइल टावर बनाने में भी यह प्रक्रिया बहुत जरूरी होती है। टावर खुले माहौल में खड़े रहते हैं जहां उन पर बारिश धूप और हवा का लगातार असर पड़ता है। ऐसे में गैल्वेनाइजेशन की वजह से टावर के लोहे के हिस्से सुरक्षित रहते हैं और उनमें जंग लगने की संभावना कम हो जाती है।
इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सदस्य हैं। उन्होंने इस मामले पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए पोस्ट कर लिखा है कि “कभी ऑक्सीजन के सिलेंडर के लिए जनता भटकी थी, अब खाने की गैस के सिलेंडर के लिए भटक रही है। भाजपा ने परिवारवालों को भुखमरी के कगार पर लाकर अनाथ छोड़ दिया है। भाजपा सरकार फेल हो गयी है और भाजपाई नेता नदारद हैं। अब क्या जनता के लिए भाजपाइयों के घरों से भोजन आएगा या भाजपाई पंडाल-पंगत लगाकर भूखी जनता का पेट भरेंगे।”
खाली हो गया भाजपा के ‘अच्छे दिनों’ का सिलेंडर!
सिलेंडर की लाइन में घंटों लगने के बाद जब लोगों को ये बताया जा रहा है कि जब तक उपभोक्ता के पास DAC (Delivery Authentication Code) नंबर नहीं होगा तब तक गैस का सिलेंडर नहीं मिलेगा, तब जनता में रोष-आक्रोश तो जन्मेगा ही। जनता कह रही है… pic.twitter.com/YAP3UYbG9C
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 11, 2026
संजय सिंह जो आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं ने संसद में सवाल उठाए हैं और वे कहते हैं कि इस गैस के संकट के समय में देश के प्रधानमंत्री कहां हैं? वे कहते दिखे कि “आप क्यों इज़राइल की चमचा गिरी में खड़े हो गए जिसके कारण हिंदुस्तान को आज गैस का संकट भुगतना पड़ रहा है। पूरा देश लाइन में खड़ा है, होटल्स बंद हो रहे हैं फैक्टरियां बंद हो रहे हैं।”
“भगोड़ा कौन है? और ट्रम्प की गुलामी कौन कर रहा है—पूरा देश देख रहा है।”
— @SanjayAzadSln pic.twitter.com/csvxwoztP9
— Dr. Laxman Yadav (@DrLaxman_Yadav) March 11, 2026
एक ओर गैस के लिए लंबी लाइन और दूसरी ओर नए गैस कनेक्शन
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नए गैस कनेक्शन के लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं। योजना का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन केंद्रों पर पहुंच रही हैं।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को धुआं मुक्त रसोई उपलब्ध कराना और महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। ये तब हो रहा है जब पूरा देश गैस सिलेंडर के मार को जेल रहा है। लोग इसी गैस सिलेंडर के लिए घंटो लाइन में लगे हैं, जिसके लिए विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं।
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