अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच हमले जारी है। ईरानी रेड क्रिसेंट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इज़राइली हवाई हमलों के बाद ईरान में 130 से अधिक शहरों में 555 लोग मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कथित तौर पर सऊदी अरब की ऑयल रिफाइनरी पर shahed-136 ड्रोन से हमला किया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। 28 फ़रवरी से शुरू हुए सयुक्त रूप से इज़राइल अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद विश्व भर में शोक और प्रदर्शन देखा गया।
ईरान ने सऊदी की तेल कंपनी पर किया हमला
ताजा रिपोर्ट के अनुसार ईरान द्वारा सऊदी अरब के रास तनुरा में अरामको ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और बताया जा रहा है ये हमला ईरान के शाहेद-136 (shahed-136) ड्रोन से किया गया।
आपको बता दें रास तनुरा दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्रों में से एक है, इसलिए इस हमले ने ग्लोबल ऑयल सप्लाई और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सऊदी की सबसे बड़ी तेल
कंपनी पर ईरान ने दागे ड्रोनSaudi Arabia की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर Iran का हमला, Video देख दुनिया दंग! #IranWar #SaudiArab pic.twitter.com/ER0pKlrezf
— News Pinch (@TheNewspinch) March 2, 2026
ईरान पर हुए हमले में अब तक 555 लोगों की मौत
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले शुरू करने के बाद से 555 लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले 28 फरवरी को किए गए हमले में 201लोगों की मौत का आंकड़ा बताया गया था।
विश्वभर में शोक और प्रदर्शन
28 फ़रवरी 2026 को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान समेत भारत में भी कई जगह विरोध प्रदर्शन देखे गए।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार श्रीनगर में ईरान आयोजित प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
#WATCH श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। एहतियात के तौर पर कश्मीर के सभी जिलों में पाबंदियां लगाई गई हैं। pic.twitter.com/IUalUxK5R4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 2, 2026
ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के विरोध में हजारों महिलाएं भी सड़कों पर उतर आईं।
KARACHI: ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के विरोध में हजारों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। pic.twitter.com/NOjpxh9LXG
— Karishma Aziz (@KarishmaAziz_) March 1, 2026
इज़राइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध क्यों?
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों ने कहा कि ईरान उनके देशों के लिए खतरा है – ट्रंप ने तो इसे वैश्विक खतरा बताया।
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इज़राइल का कहना है कि ईरान उसकी सुरक्षा के लिए बड़ा और तुरंत खतरा है, खासकर उसके परमाणु और मिसाइल प्रोजेक्ट (कार्यक्रम) की वजह से। हालिया हमले में इज़राइल ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और मिसाइल लॉन्च करने वाले ठिकानों को निशाना बनाया, क्योंकि वह उन्हें गंभीर खतरा मानता है।
वहीं ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने और अन्य शांतिपूर्ण कामों के लिए है। तेहरान बार-बार कहता है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा और पश्चिमी देशों के आरोपों को गलत बताता है।
भारत पर इस हमले का असर
भारत अपनी जरूरत का ज़्यादातर कच्चा तेल मध्य-पूर्व के देशों से खरीदता है। अगर ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध बढ़ता है और “हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य” से तेल की सप्लाई रुकती या धीमी होती है, तो दुनिया में तेल महँगा हो सकता है।
तेल महँगा होने का मतलब है कि भारत को इसे खरीदने के लिए ज्यादा पैसा देना पड़ेगा। इससे पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।
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