खबर लहरिया Blog दिल्ली के नवजात शिशु अस्पताल में लगी आग, दिल्ली सचिवालय में बैठक बुलवाई

दिल्ली के नवजात शिशु अस्पताल में लगी आग, दिल्ली सचिवालय में बैठक बुलवाई

दिल्ली के विवेक विहार के बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में शनिवार 25 मई को रात में आग लग गई। अस्पताल में जब आग लगी तब 12 नवजात शिशु भर्ती थे जिसमें से 7 बच्चों की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए।

Fire breaks out in Delhi's children hospital, 7 newborn killed

दिल्ली के नवजात शिशु अस्पताल की तस्वीर ( फोटो साभार – पीटीआई)

दिल्ली के विवेक विहार के बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में शनिवार 25 मई को रात में आग लग गई। अस्पताल में जब आग लगी तब 12 नवजात शिशु भर्ती थे। जिसमें से 7 बच्चों की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के अधिकारी विवेक विहार में नवजात शिशु अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच के लिए मौजूद है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार , दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय ने जानकारी दी कि विवेक विहार अस्पताल में आग लगने की घटना को लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सचिवालय में एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगें और इसके साथ ही बैठक में दिल्ली की बढ़ती गर्मी को लेकर भी चर्चा होगी।

पुलिस ने बताया कि अस्पताल में नियुक्त डॉक्टर नवजात शिशु के इलाज करने में सक्षम और अनुभवी नहीं पाए गए क्योंकि उनके पास केवल बैचलर ऑफ आयुर्वदिक एंड मेडिसिन सर्जरी (बीएएमएस) की डिग्री है।

ये भी पढ़ें – बीजापुर के पीडिया के जंगलों में नक्सली व पुलिस के बीच मुठभेड़ 

अस्पताल के लाइसेंस की अवधि समाप्त

पुलिस ने जानकारी दी कि अस्पताल के लाइसेंस की अवधी 31 मार्च 2024 को ही ख़त्म हो चुकी है। शाहदरा के उप-आयुक्त पुलिस (DCP) सुरेंद्र चौधरी ने कहा, “घटना में 6 बच्चों की मौत हो गई है… हमें पता चला कि अस्पताल की NOC भी 31 मार्च को समाप्त हो गई थी और अस्पताल को 5 बेड तक की अनुमति थी लेकिन उन्होंने 10 से अधिक बेड लगाए थे।” एएनआई ने पुलिस से बातचीत का वीडियो शेयर किया।

ये भी देखें – मध्य प्रदेश: जिला अस्पताल में जमीन पर लेटने को मजबूर है डिलीवरी के बाद महिलाएं

आग संबंधी बचाव की सुविधा के नहीं थे इंतजाम

शाहदरा के उप-आयुक्त पुलिस सुरेंद्र चौधरी ने कहा, “आग लगने की स्थिति में अस्पताल में कोई अग्निशमन यंत्र नहीं लगाया गया था। किसी भी आपात स्थिति के लिए अस्पताल में कोई आपातकालीन निकास नहीं है। इसलिए इस सब को देखते हुए हमने एफआईआर में आईपीसी की धारा 304 और 308 जोड़ दी है और हमने इसके निदेशक डॉ. नवीन किची को गिरफ्तार कर लिया है… ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों में से एक डॉक्टर आकाश को भी गिरफ्तार कर लिया गया है… ”

शवों को जांच के लिए भेजा गया

पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी ने बताया, “अन्य लोगों की मदद से सभी 12 नवजात शिशुओं को अस्पताल से बचा लिया गया और उन्हें इलाज के लिए विवेक विहार स्थित पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच, दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पा लिया गया। इनमें से छह शिशुओं को मृत घोषित कर दिया गया। सभी 7 शवों को पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया गया है।”

 

‘यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our  premium product KL Hatke