खबर लहरिया Blog किसानों का संसद भवन तक प्रदर्शन, दिल्ली-नॉएडा में लगा जाम, बढ़ाई सुरक्षा

किसानों का संसद भवन तक प्रदर्शन, दिल्ली-नॉएडा में लगा जाम, बढ़ाई सुरक्षा

किसानों के संसद भवन तक प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली-नॉएडा बॉर्डर्स पर भारी जाम लगा हुआ है।

Farmers protest, jam in Delhi-Noida, security increased

                                नॉएडा बॉर्डर पर धरना देते किसान (फोटो – सोशल मीडिया)

भूमि अधिग्रहण नीतियों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली व आसपास के कुछ हिस्सों में यातायात पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। किसान समूहों ने अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए बुधवार को ‘किसान महापंचायत’ और वीरवार को राष्ट्रीय राजधानी में संसद तक विरोध मार्च करने की बात कही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने किसानों को शहर में प्रवेश करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, व इसके साथ ही दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है। इससे भारी ट्रैफिक जाम देखा गया है।

सोनिया विहार, डीएनडी, चिल्ला, गाजीपुर, सभापुर, अप्सरा और लोनी बॉर्डर से जुड़े मार्गों पर भारी जाम लगने की उम्मीद है। गौतम बुद्ध नगर जिले में कमिश्नरेट की तरफ आज धारा-144 लागू रहेगी। ऐसे में बिना अनुमति के कहीं पर भीड़ के जुटने या शांतिभंग की आशंका में पुलिस की तरफ से ऐक्शन लिया जा सकता है।

वहीं नोएडा ट्रैफिक पुलिस की ओर से हेल्पलाइन हेल्पलाइन नं०- 9971009001 जारी किया गया है।

विरोध का नेतृत्व कर रहे सुखबीर यादव ने कहा, “हमने विरोध मार्च की व्यवस्था की है जो नोएडा के महामाया फ्लाईओवर से शुरू होगा और दिल्ली में संसद भवन तक जाएगा।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हमारी मांग को पूरा नहीं कर रही है। आवासीय उद्देश्यों के लिए अधिग्रहित कुल भूमि का 10%, 64.7% बढ़ा हुआ भूमि मुआवजा, आवासीय भूखंडों पर कमर्शियल एक्टिविटी की इजाजत और दूसरे फायदे हमारी मांग में शामिल है।

आगे बताया कि उनका धरना प्रदर्शन नोएडा अधिदेश के खिलाफ है जो किसानों से जमीन ले लेते हैं। फिर उसे उद्योग और रियल्टी परियोजनाएं स्थापित करने के लिए निवेशकों या बनाने वालों को बेच देते हैं। किसानों ने कहा कि उन्हें अधिग्रहीत भूमि का पर्याप्त मुआवजा और फिर से अपने घर बनाने की सुविधाएं नहीं मिली हैं।

 

‘यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our  premium product KL Hatke