2 मार्च से जिला चित्रकूट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की छुट्टी के चलते इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टीबी के मरीज दवा लेने आए तो उन्हें न डॉक्टर मिले और न दवा, एक्स-रे कराने वाले मरीज दो-दो दिन से चक्कर लगा रहे हैं, जबकि जुखाम-बुखार जैसे सामान्य मरीजों को भी उपचार नहीं मिल पा रहा। केवल नाम मात्र की इमरजेंसी सेवा खुली है, जहां सीमित व्यवस्था के कारण मरीजों को लौटाया जा रहा है। दूर-दराज़ से किराया खर्च कर पहुंचे लोगों में नाराज़गी और चिंता साफ दिखी—कई मरीजों ने बताया कि पहले से इलाज चल रहा था, दवा खत्म हो चुकी है, लेकिन बिना सूचना अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की इस स्थिति ने मरीजों और उनके परिजनों को असमंजस और परेशानी में डाल दिया है।
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