मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सेनानी दरवाजे से सामने आई यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हौसले, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। 70 वर्षीय लल्लू कुशवाहा के दोनों हाथ नहीं हैं। कुछ लोगों ने उनके हाथ काट दिए, जिससे वे एक समय पूरी तरह बेसहारा हो गए। उस वक्त उनके पास 5 बच्चे थे और उनके सामने सबसे बड़ा सवाल था – परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा?
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