खाद, खाद, खाद-या समय किसानन के खेती बोवैं का परी है, पै सहकारी समितियन मा खाद कम आवैं से सब किसानन का खाद नहीं मिल पावत आय। यहिसे खाद पावैं…
सबकी बातें
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एक जमाना था जब हम सोचते थे कि धरती गोल नहीं, सपाट है. हिन्दू धर्म सात समुन्दर पार यात्रा करने से रोकता था, खास करके ब्राह्मण समुदाय को। ज्यादातर लोग…
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उत्तर प्रदेष राज्य में षौचालय की बड़ी अव्यवस्था है। सिर्फ नियम ही आता है कि घर-घर षौचालय बनवायें। लेकिन जो खुद बनवाता है उसी के घर में षौचालय है बाकी…
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जिला वाराणसी। सरकार गरीबन के सुविधा खातिर के करोड़ो रूपिया खर्च करला। उ सब रूपिया कहाँ जात हव जब गरीब लोग के फायदा नाहीं होत हव। बनारस में ही सरकार के…
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सब पढ़े, सब बढ़े का ढि़ढ़ोरा पीटै वाली सरकार लम्बे समय से चली आवत मास्टरन के कमी पूरा करैं मा काहे नाकाम है? ऊपर से ‘शिक्षा का अधिकार’ कानून बना…
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भारत देश कृषि प्रधान देश हई। जब किसान खुशहाल छथिन तभीये जमीनी स्तर से लेके देश तक लोग सुखी छथिन। जब किसाने के सुख न रहतई त लोग खुशहाल केना…
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सरकार कुपोषण का खतम करैं खातिर सन् 1995 मा आंगनबाड़ी केन्द्र मा पोषाहार दें के योजना शुरू करिस। केन्द्र मा जीरो से लइके छह बरस के बच्चा, धात्री मेहरिया, गर्भवती…
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सरकार आदमियन के सुविधा देय के लाने करोड़न रूपइया खर्च करतहे, पे का सरकारी सुविधा खा लाभ आदमियन तक पोंहच पाउत हे? काय से सरकारी कर्मचारी आपन जिम्मदारी नई समझत…
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सरकार बिजली के सुविधा बी.पी.एल. परिवार के लोग के देलथिन। एकर नियम कि हई इ केकरो बतायल न गेलई। जई कारण लोग के अब ओकर परिणाम भुगते पर रहल हई।…
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पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर के दंगों को एक महीना हो चुका है। धीरे धीरे अंदर की बातें उभर कर आ रही हैं। कुछ महिलाओं ने बलात्कार की केस दर्ज…