बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में लगने वाला सरस मेला हर साल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। लेकिन इस बार सरस मेले की तस्वीर कुछ बदली हुई नजर आई। पिछले साल की तुलना में इस बार न सिर्फ भीड़ कम दिखी, बल्कि बाहर से आए व्यापारियों की संख्या भी घटती नजर आई। वहीं बिहार की संस्थाओं से जुड़े स्टॉल को बिना किसी शुल्क के जगह दी गई। महंगाई के कारण लोग खरीदारी में भी सोच-समझकर कदम रख रहे हैं। हालांकि लोगों का कहना है कि सरस मेला आज भी खास है, क्योंकि यहां देश के अलग-अलग राज्यों की क्वालिटी चीजें एक ही जगह मिल जाती हैं। परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसियों के साथ आए लोग शॉपिंग के साथ सेल्फी लेते नजर आए। कम भीड़ के बावजूद सरस मेला अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए हुए है।
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