बिहार के पटना में डेंगू का कहर लगातार बढ़ रहा है। इस सीजन (अक्टूबर-नवंबर) में डेंगू से तीसरी मौत का मामला सामने आया है। ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक 23 वर्षीय मंजीत कुमार की पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल यानी पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब एक महीने से बुखार से पीड़ित मंजीत की शुक्रवार 30 अक्टूबर को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद परिजनों ने उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया था।
प्लेटलेट्स घटने से मौत
मंजीत के परिवार ने बताया कि मंजीत को जब डेंगू हुआ तो उसके प्लेटलेट्स में भी गिरावट आई थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। मंजीत की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। वहीं इलाके के लोगों में भी डेंगू के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कमला नेहरू नगर में डेंगू से यह दूसरी मौत है। इससे पहले 10 सितंबर को 28 वर्षीय मोहम्मद खुशियाल की मौत हुई थी।
पिता ने सफाई व्यवस्था पर उठाए सवाल
मंजीत के पिता मनोज कपाड़िया ने इलाके की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घर के पीछे बड़ा नाला है जिसमें गंदगी जमा रहती है। आसपास भी कचरे का ढेर लगा रहता है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
पटना में 537 से अधिक डेंगू के मरीज
जिला डेंगू-मलेरिया पदाधिकारी सुभाष प्रसाद के मुताबिक जिले में अब तक 537 से अधिक मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में पांच नए संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
किस महीने में सबसे ज्यादा होता है डेंगू का खतरा?
डेंगू का खतरा आमतौर पर जुलाई से नवंबर के बीच सबसे ज्यादा रहता है। खासकर सितंबर और अक्टूबर में इसके मामले तेजी से बढ़ते हैं। इसकी मुख्य वजह मानसून और उसके बाद का मौसम है। भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बारिश के बाद डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है।
दरअसल, बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। घरों के आसपास रखे पुराने टायर, गमले, कूलर, बाल्टी, पानी की टंकी और खुले बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के पनपने की जगह बन जाता है। बारिश के बाद नमी और गर्मी रहने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है।
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है। यह आमतौर पर दिन में काटता है। सुबह और शाम के समय इसके काटने का खतरा अधिक रहता है। यही वजह है कि बारिश खत्म होने के बाद भी डेंगू का खतरा बना रहता है।
डेंगू के लक्षण क्या हैं?
डेंगू होने पर शुरुआत में सामान्य बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार लोग इसे वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
– अचानक तेज बुखार आना।
– सिर और आंखों के पीछे दर्द होना।
– मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
– शरीर में कमजोरी और थकान।
– जी मिचलाना और उल्टी होना।
– त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना।
कुछ मामलों में डेंगू गंभीर रूप ले सकता है। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, बहुत ज्यादा कमजोरी और सांस लेने में परेशानी इसके खतरे के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। खास बात यह है कि बुखार उतरने के बाद भी मरीज की हालत बिगड़ सकती है।
डेंगू से बचने के लिए क्या करें?
डेंगू से बचने का सबसे अच्छा तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। इसके लिए घर और आसपास साफ-सफाई रखना जरूरी है।
- पानी जमा न होने दें: घर की छत, गमले, कूलर, बाल्टी और पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकियां ढककर रखें: घर में इस्तेमाल होने वाली पानी की टंकियों और बर्तनों को हमेशा ढककर रखें।
- हर हफ्ते सफाई करें: कूलर, गमले और पानी रखने वाले बर्तनों को सप्ताह में कम से कम एक बार खाली करके अच्छी तरह साफ करें।
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें: खासकर सुबह और शाम के समय मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं: घर से बाहर निकलते समय मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।
- घर में मच्छरदानी और जाली लगाएं: खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं। जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
सावधानी अपनाएं, डेंगू से बचें।
घर एवं आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमलों, टायरों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें।
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