बिहार सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर पिछले कुछ दिनों में कई बड़े फैसले किए गए हैं। दैनिक भास्कर के खबर अनुसार सरकार के मुताबिक 155 मॉडल स्कूलों में छात्रों को मुफ़्त में JEE और NEET की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा 6 से 12 तक के बच्चों को अलग-अलग कौशल और चीजें सिखाने के लिए भी एक महीने के अंदर योजना तैयार करने की बात कही गई है।
शिक्षा से जुड़े ऐसे करीब दस फैसले हाल के दिनों में लिए गए हैं –
- सरकार स्कूलों को ‘सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ के तौर पर विकसित करना चाहती है। इसके लिए एक राज्यस्तरीय कमेटी बनाई जा रही है जो स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर करने और जरुरी बदलावों पर काम करेगी।
- बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं को ज़्यादा पारदर्शी बनाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। छात्रों की क्षमता को समझने और उनका सही आकलन करने के लिए एआई की मदद लेनी की भी तैयारी है। इसके लिए एक विशेष समिति बनाई जा रही है।
- 15 अगस्त से छात्रों को रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई और पढ़ाई से जुड़ी मदद मिल सकेगी। इसका मकसद यह है कि जिन छात्रों को दिन में समय नहीं मिल पाता वे रात में भी पढ़ाई कर सकें।
- छात्रों से जुड़ी योजनाओं को बेहतर तरीके से चलाने और उनके बीच तालमेल बनाने के लिए स्टूडेंट वेलफेयर डायरेक्टोरेट’ यानी छात्र कल्याण निदेशालय बनाया जाएगा।
- स्कूलों में विशेष संवाद शिविर लगाए जाएँगे इस शिविरों में अधिकारी और जन प्रतिनिधि खुद स्कूल पहुंच कर छात्रों से उनकी समस्याएँ और सुझाव सुनेंगे।
- सरकार राज्य में मॉडल स्कूलों की संख्या बढ़ाकर 1,001 करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा 211 प्रखंडों में 15 जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेज शुरू करने का फैसला लिया गया है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के छात्रों और लड़कियों को गांव के पास ही उच्च शिक्षा मिल सके इस पर जोर दिया जा रहा है।
- कुशल युवा कार्यक्रम’ को 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाया गया है। इसके लिए 430.08 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें युवाओं को AI, ड्रोन, सोलर तकनीक, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषा और उद्यमिता जैसी चीजों की ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार के मुताबिक इससे हर साल 2.57 लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा और 6,436 रोजगार के अवसर तैयार होंगे।
- पटना के दस मॉडल स्कूलों में मुफ़्त JEE और नीट कोचिंग और ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। अब इसे राज्य के सभी 155 मॉडल स्कूलों तक पहुँचाने की तैयारी है।
- बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। अभ्यर्थियों को स्कोर कार्ड और अंक नहीं बताए जाने, आंसर की जारी न होने और OMR शीट उपलब्ध न कराने जैसी शिकायतें रही हैं। सरकार ने आयोग का स्थायी अध्यक्ष सेवानिवृत्त अधिकारी शोभा अहोतकर को बनाया है।
- बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को आगे पांच साल तक जारी रखने का फैसला किया है। अब तक करीब 4.15 लाख छात्रों को इसका लाभ मिलने की बात कही गई है। योजना के लिए 950 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसके साथ ही बिहार सरकार ने शिक्षक भर्ती को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। TRE-4 के तहत राज्य में 32,388 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फ़ेसबूक पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इन पदों पर भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने अपनी अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी है। अब आयोग आगे की भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’
