अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान हजारों-लाखों दीये जलाकर रामनगरी को रोशन किया जाता है। लेकिन इस भव्य आयोजन के बीच दीयों में इस्तेमाल होने वाले तेल की खपत, उसकी बर्बादी और बचे हुए तेल का हिसाब कौन रखता है? स्थानीय निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह का सवाल है कि प्रशासन को हर साल तेल की खरीद, इस्तेमाल और बची हुई मात्रा का सार्वजनिक हिसाब देना चाहिए। उनका कहना है कि दीपोत्सव की भव्यता के साथ गरीब परिवारों की जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। वहीं, तेल के इस्तेमाल और बची हुई मात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर दीपोत्सव में कितना तेल खर्च होता है और बचे हुए तेल का क्या किया जाता है?
ये भी देखें –
Ayodhya Deepotsav News: अयोध्या के कुम्हारों को 2 साल से नहीं मिला दीपोत्सव का ऑर्डर
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’