खबर लहरिया Blog LPG और पेट्रोल की किल्लत के बीच सरकार का बयान, PNG कनेक्शन अनिवार्य और अफ़वाह पर न दें ध्यान

LPG और पेट्रोल की किल्लत के बीच सरकार का बयान, PNG कनेक्शन अनिवार्य और अफ़वाह पर न दें ध्यान

 

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के चलते भारत में एलपीजी गैस और पेट्रोल की किल्लत की खबर सामने आ रही है। लेकिन सरकार ने इस कमी को अफवाह बताया है। हालाँकि सोशल मीडिया पर एलपीजी और पेट्रोल के लिए लोगों और गाड़ियों की लम्बी कतार सड़कों पर देखने को मिल रही है। सरकार ने 25 मार्च को एक नया आदेश जारी किया है। इसके तहत जहां पाइपलाइन से गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध है, वहां पीएनजी कनेक्शन (पाइपलाइन द्वारा घरों में गैस) लेना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि उपभोक्ता ऐसा नहीं करते हैं तो उनके यहां एलपीजी गैस की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

PNG कनेक्शन

घर में लगी पीएनजी कनेक्शन (पाइपलाइन द्वारा घरों में गैस) (फोटो साभार: खबर लहरिया)

पश्चिमी देशों में चल रहे युद्ध की वजह से देश में गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। लोगों ने एलपीजी गैस के लिए बुकिंग कर रखी है इसके बावजूद उन्हें अभी तक एलपीजी गैस नहीं मिली है। इस वजह से कई लोग एलपीजी गैस के लिए गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही खड़े हैं। एलपीजी गैस को लेकर लोग परेशान है उन्हें कहीं गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। मिल भी रहा है तो ब्लैक में दुगने तिगने दामों पर। ऐसे में कालाबाजारी की खबरे सामने आई जहां सरकार ने कई जगह छापेमारी की और बड़ी संख्या में एलपीजी गैस सिलेंडर जब्त किए।

दिल्ली में 459 खाली गैस सिलेंडर बरामद

पीटीआई की ताजा रिपोर्ट में सामने आया कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (डब्ल्यूआर-आई) ने खुफिया जानकारी के आधार पर रानहोला इलाके में कई स्थानों पर छापेमारी करके एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस छापेमारी में एलपीजी सिलेंडरों के अवैध भंडारण और रिफिलिंग से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।

कुल 459 खाली गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिनमें भारत पेट्रोलियम के 175 और इंडेन गैस के 284 सिलेंडर शामिल हैं।

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PNG कनेक्शन को लेकर आदेश

एलपीजी गैस की बढ़ती समस्या को देखते हुए घरों में पीएनजी गैस कनेक्शन लेने को कहा है। सरकार का कहना है कि देश में पीएनजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और इसकी कोई कमी नहीं है। इसलिए जिन क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्शन की सुविधा मौजूद है, वहां लोगों को इसका उपयोग करना चाहिए।
हालांकि, देखा गया है कि कई लोग पीएनजी उपलब्ध होने के बावजूद एलपीजी गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी वजह से गैस की किल्लत से बचने के लिए अब पीएनजी कनेक्शन लेना जरूरी किया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए लोगों को तीन महीने का समय दिया है। यदि इस अवधि में कनेक्शन नहीं लिया जाता है, तो पहले नोटिस भेजा जाएगा और उसके बाद एलपीजी गैस की सुविधा बंद की जा सकती है।

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा “ देश में घरेलू PNG कनेक्शन भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इनकी 100% सप्लाई की जा रही है। इसी तरह, ट्रांसपोर्टेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली CNG भी 100% कंज्यूमर्स को उपलब्ध कराई जा रही है… कई कंपनियों ने कई इंसेंटिव्स की घोषणा की है, जैसे ₹500 तक की फ्री गैस या सिक्योरिटी डिपॉजिट में छूट। राज्य सरकारों को भी लिखा गया है, उन्हें 10% कमर्शियल गैस और एक्स्ट्रा LPG देने का ऑफर दिया गया है। दिल्ली में ही एक ऑर्डर जारी किया गया है, जिसमें रोड रेस्टोरेशन चार्ज माफ कर दिया गया है और 24X7 पाइपलाइन के काम की इजाजत दी गई है… कल भारत सरकार ने PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए एक और गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसका मुख्य मकसद सभी राज्यों में PNG कनेक्शन के लिए एप्लीकेशन फीस और अप्रूवल टाइमलाइन को आसान बनाना है…”

गैस की किल्लत अफवाह या सच

जमीनी स्तर पर लोग गैस की किल्लत से परेशान है। दिल्ली, यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में यह समस्या अभी तक बनी हुई है। दिल्ली की रहने वाली प्रिया बताती हैं कि वह तीन हफ़्तों से एलपीजी गैस की बुकिंग कर रही है लेकिन जब वह हिंदुस्तान पेट्रोलियम गैस एजेंसी के नंबर पर कॉल करती हैं तो उन्हें हर बार “सॉरी योर बुकिंग इस नॉट कम्पलीटेड” सुनने को मिलता है। उन्होंने बताया कि पहले बुकिंग सफल हो गई लेकिन बाद में इसे कैंसिल कर दिया गया। आप बुकिंग कैंसिल का मैसेज नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं।

यूपी में भी कई जगह लोग एलपीजी गैस न होने की वजह से परेशान है। खबर लहरिया की रिपोर्ट में आप जमीनी स्तर पर इस समस्या को देख सकते हैं।

कई राज्य की सरकारें इस बात से इंकार कर रही हैं कि एलपीजी गैस की कमी है। उनका कहना है कि लोग दहशत में आकर एलपीजी की बुकिंग करा रहे हैं और कई लोग इसे गैस खरीद कर जमा कर रहे हैं जिसकी वजह से बेवजह अफवाह फैलाई जा रही है कि गैस की कमी है। इसी तरह पेट्रोल और सीएनजी को लेकर भी सड़कों पर भीड़ देखने को मिल रही है। लोगों के बीच अफवाह यह भी है कि गैस की कीमतों, पेट्रोल और एलपीजी गैस की कीमतों में वृद्धि होगी। लेकिन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार 25 मार्च, 2026 को कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा “अफवाहों पर विश्वास न करें।” उन्होंने आगे बताया कि अब तक 26 राज्यों को 22,000 टन वाणिज्यिक एलपीजी आवंटित की जा चुकी है और पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने 25 मार्च को जनता से पेट्रोल या डीजल की आपूर्ति में बाधा डालने वाली संबंधित ख़बरों पर भरोसा न करने और जिम्मेदारी से काम लेने” का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “हम सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। देशभर में इंडियन ऑयल के सभी आउटलेट पूरी तरह से स्टॉक किए हुए हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। बिना पुष्टि के अफवाहें अनावश्यक घबराहट और आपूर्ति में व्यवधान पैदा कर सकती हैं। कृपया घबराकर खरीदारी करने से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। आइए हम सब जिम्मेदारी से काम लें और सभी के लिए बिना किसी परेशानी के ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करें।”

तेलंगाना सरकार ने बुधवार को ईंधन की कमी के दावों का खंडन किया और जनता से उन अफवाहों को नजरअंदाज करने का आग्रह किया, जिनके कारण पूरे राज्य में दहशत में खरीदारी हो रही है।

मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार 25 मार्च को कहा कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। डिपो से इनकी निरंतर आपूर्ति हो रही है। घबराकर खरीदारी या जमाखोरी न करें।”

पीएम नरेंद्र मोदी के बयान से डरे लोग

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कोरोना के समय जैसे हालात हो सकते हैं। इसलिए हमें एकजुट रहने की आवश्यकता है। इस बयान पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने गैस की कमी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘कोविड काल’ वाले बयान ने दहशत पैदा कर दी है।

एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर जमीनी स्तर पर वास्तव में किल्लत है जिसका असर लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। लोग नौकरी छोड़ अपने गांव वापस जा रहे हैं। होटल, रेस्ट्रॉन्ट में खाने की कीमतों में भी वृद्धि दिख रही है। लोग अब मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं और कई लोग बिजली के चूल्हे भी खरीद रहे हैं।

 

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