खबर लहरिया Blog त्रिपुरा में 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव, आंकड़े 2007 से 2024 तक

त्रिपुरा में 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव, आंकड़े 2007 से 2024 तक

त्रिपुरा के एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने 220 स्कूलों और 24 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ऐसे छात्रों की पहचान की है जो इंजेक्शन से नशीली दवा लेते थे।

828-students-found-hiv-positive-in-tripura-data-from-2007-to-2024

                                                                                                                             फोटो साभार – सोशल मीडिया

त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (टीएसएसीएस) के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि राज्य में 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव हैं, जिनमें से 47 की मौत हो गई है और उनमें से 572 छात्र अभी भी जीवित हैं। कल बुधवार 10 जुलाई को त्रिपुरा सरकार ने स्पष्ट करते हुए बताया कि ये आकड़ें अप्रैल 2007 से लेकर मई 2024 तक के हैं। एचआईवी पॉजिटिव होना छात्राओं का इंजेक्शन द्वारा नशीली दवा लेना बताया गया।

हाल ही कुछ दिन पहले त्रिपुरा में कई छात्रों के एचआईवी पॉजिटिव होने की खबर सामने आई। इन आकड़ों का उल्लेख त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (टीएसएसीएस) किया गया। इस खबर के बाद लोगों में कोई भ्रम पैदा न हो इसके लिए त्रिपुरा सरकार ने आकड़े स्पष्ट करते हुए कहा कि यह आकड़े अप्रैल 2007 से लेकर मई 2024 तक के हैं। इसकी जानकारी सोशल मीडिया X पर त्रिपुरा सरकार ने पोस्ट के माध्यम से की।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की निदेशक डॉ. समरपिता दत्ता ने आंकड़ों को देखते हुए चेतावनी दी कि एचआईवी/एड्स के आंकड़े बढ़ते रहेंगे, क्योंकि इस संक्रमण को पूरी तरह से ख़त्म नहीं किया जा सकता है।

ये भी देखें- बांदा: मानसिक स्वास्थ्य को करें स्वीकार, हेलो डॉक्टर

इंजेक्शन से नशीली दवा लेने के कारण फैला HIV

त्रिपुरा के एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने 220 स्कूलों और 24 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ऐसे छात्रों की पहचान की है जो इंजेक्शन से नशीली दवा लेते थे। स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे सीएम माणिक साहा ने बताया कि त्रिपुरा सरकार ने राज्य में एचआईवी/एड्स के प्रसार को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं, जिसमें HIV पोस्टिव जो गंभीर रूप से पीड़ित है उनका टेस्ट (परीक्षण) जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

लाइव मिंट के अनुसार, टीएसएसीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने अब तक 828 छात्रों को पंजीकृत किया है जो एचआईवी पॉजिटिव हैं। उनमें से 572 छात्र अभी भी जीवित हैं और हमने इस खतरनाक संक्रमण के कारण 47 लोगों को खो दिया है। कई छात्र देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए त्रिपुरा से बाहर चले गए हैं।”

ये भी देखें – जानकारी की कमी और उदासीनता : क्यों हर सात मिनट में एक भारतीय महिला बन रही हैं सर्वाइकल कैंसर की शिकार

HIV क्या है?

HIV ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस एक तरह का वायरस है जो व्यक्ति में रोगों से लड़ने की क्षमता को काम करता है। HIV का अंतिम रूप एड्स बीमारी होती है।
इस एचआईवी से छुटकारा नहीं पाया जा सकता और न ही इसका अब तक कोई प्रभावी इलाज मौजूद है। इस वायरस को दवा द्वारा बस कम किया जा सकता है जिसे एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी या एआरटी कहा जाता है।

टीएसएसीएस ने राज्य भर में 164 स्वास्थ्य सुविधाओं से डेटा एकत्र किया, जिससे प्रकोप के भौगोलिक और जनसांख्यिकीय प्रसार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। अधिकारी ने बताया, “इस प्रस्तुति को बनाने से पहले लगभग सभी ब्लॉक और उपखंडों से रिपोर्ट एकत्र की गई है।”

 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our premium product KL Hatke

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *