न अन्ना आए न भीड़

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पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
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अन्ना हज़ारे

नई दिल्ली। तृणमूल पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अन्ना के बुलावे पर रामलीला मैदान 13 मार्च को पहुंची। मगर वहां अन्ना नहीं पहुंचे। अन्ना यहां ममता बनर्जी की पार्टी का समर्थन करने के लिए आने वाले थे।कारण बताया गया कि अन्ना बीमार हैं। भीड़ भी नहीं जुटी। ममता भड़क गईं। कहा यह रैली मेरी नहीं अन्ना की थी। उनके कहने पर मैं यहां आई। कोई साथ दे या न दे मैं अकेले ही चलूंगी। यह वही ममता हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल में 34 साल से लगातार बन रही वामदल की सरकार को उखाड़ फेंका। लेकिन अन्ना के न आने से कई सवाल खडे हो गए हैं।
आप के भीतर टकराव
आम आदमी पार्टी की शाजिया इल्मी ने रायबरेली से चुनाव लड़ने से मना कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ नहीं लड़ूंगी। शायद शाजिया को पता है कि कांग्रेस का गढ़ रही रायबरेली सीट पर सेंध लगाना आसान नहीं है। आप के नेता कुमार विश्वास ने शाजिया इल्मी पर निशाना साधते हुए कहा कि सबको सुरक्षित सीट ही चाहिए।
भड़काऊ भाषणों पर सख्त सुप्रीम कोर्ट
नेता बेलगाम बयानबाजी पर उतर आए हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के नेता राज ठाकरे ने कहा था कि ‘सभी बलात्कार बलात्कार चिल्ला रहे हैं लेकिन सभी बलात्कारी बिहार के हैं, यह कोई नहीं कह रहा है’। इस बयान पर एक गैर सरकारी संगठन ने जनहित याचिका लगाई है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने विधि आयोग को ऐसे भाषणों पर लगाम लगाने के लिए का आदेश दिया है।