भारत की सफल धावक के रूप में उभरती “सयाली महैशुने”

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15 साल की सयाली महैशुने अब जानीमानी धावक अश्विनी नाचप्पा के साथ दौड़ने का प्रशिक्षण लेगी। मुंबई में रहने वाली  सयाली, दसवीं कक्षा में पढ़ रही हैं और उन्हें दौड़ने का बेहद शौक़ है। इसके लिए सयाली ने छठवीं कक्षा से ही प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। अक्टूबर 2015 में सयाली ने 3000 मीटर की दौड़ नंगे पाव दौड़कर जीती थी। यह प्रतियोगिता ज़िला-स्तर पर स्कूलों के बीच हुई थी, जहाँ सयाली ने अपने से दो साल बड़ी सफल धावक को हराया था।

सयाली के इस बेहतरीन प्रदर्शन के बारे में अख़बारों में भी लिखा गया था । ऐसे ही एक अख़बार में सयाली के बारे में डाबर कंपनी के एक अधिकारी ने पढ़ा। डाबर कंपनी ऐसे युवाओं की ख़ोज में थी जो अश्विनी नाचप्पा के साथ प्रशिक्षण करने के योग्य हों। सयाली को इस प्रशिक्षण के लिए 7 और युवाओं के साथ चुना  गया है।

स्कूल की पढ़ाई और दौड़ने के अलावा, सयाली के पास और कुछ करने का वक़्त नहीं मिलता। लेकिन सयाली को इसका अफ़सोस भी नही है बल्कि वो कहतीं हैं कि, ‘मुझे भागना बहुत पसंद है। ये एक ऐसी चीज़ है जो मैं कभी नहीं छोड़ना चाहती’।