उत्तर प्रदेश में जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 2 करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम हटे हुए सामने आए हैं। इससे पहले 27 अक्टूबर को प्रकाशित मतदाता सूची में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता दर्ज थे, लेकिन नई मसौदा सूची में इनमें से करीब 2.89 करोड़ नाम शामिल नहीं हो पाए। यह ड्राफ्ट सूची राज्य के सभी 75 जिलों और 403 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करती है।
यूपी में ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, मतदाताओं की संख्या घटी
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 6 जनवरी 2025 को मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि नई ड्राफ्ट सूची में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल हैं। इससे पहले 27 अक्टूबर को जारी सूची में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता दर्ज थे। इस तरह नई सूची में करीब 2 करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो पाए हैं।
सबसे ज्यादा नाम यूपी में हटे
निर्वाचन आयोग के मुताबिक एसआईआर प्रक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 18.7 प्रतिशत नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं जो देश में सबसे ज्यादा है। अन्य राज्यों में यह आंकड़ा अपेक्षाकृत कम रहा है। इस महीने की शुरुआत में जारी मसौदा सूचियों के अनुसार तमिलनाडु में करीब 15 प्रतिशत और गुजरात में 14.5 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं उन्हें आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा।
देरी और जांच की वजह
मतदाता सूची का यह मसौदा पहले 27 अक्टूबर को जारी होना था लेकिन प्रक्रिया में देरी के कारण इसे तीन बार टालना पड़ा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था ताकि मृत, स्थानांतरित या लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं के नामों की फिर से जांच की जा सके। अब मसौदा सूची जारी कर दी गई है और इसे voters.eci.gov.in वेबसाइट पर देखा जा सकता है। जिन लोगों के नाम सूची से हटे हैं, वे तय समय के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
75 जिलों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों के आंकड़े
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों के आंकड़े सामने आ चुके हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि सबसे ज्यादा वोट लखनऊ जिले में कटे हैं। इसके बाद कई बड़े जिलों में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं। नीचे जिलावार विवरण दिया जा रहा है जिसमें कटे हुए वोटों की संख्या और प्रतिशत दोनों शामिल हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की बात करें तो गाजियाबाद (8,18,139 – 28.83%)
मेरठ (6,65,635 – 24.65%)
आगरा (8,36,943 – 23.25%)
हापुड़ (2,57,903 – 22.30%)
शामली (1,63,458 – 16.75%)
सहारनपुर (4,32,534 – 16.37%०
मुजफ्फरनगर (3,44,217 – 16.29%)
बुलंदशहर (4,03,369 – 15.14%)
बागपत (1,77,299 – 18.15%)
गौतम बुद्ध नगर (4,47,471 – 23.98%) में बड़ी संख्या में नाम कटे हैं।
मध्य और ब्रज क्षेत्र में कानपुर नगर (9,02,148 – 25.50%)
कानपुर देहात (2,03,957 – 15.26%)
मथुरा (3,73,793 – 19.19%)
अलीगढ़ (5,20,189 – 18.60%)
फिरोजाबाद (3,44,752 – 18.13%)
मैनपुरी (2,26,875 – 16.17%)
एटा (2,20,426 – 16.80%)
हाथरस (1,89,616 – 16.30%)
कासगंज (1,72,238 – 16.28%)
औरैया (1,58,055 – 15.36%) शामिल हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। प्रयागराज (11,56,305 – 24.64%)
वाराणसी (5,73,203 – 18.18%)
जौनपुर (5,89,543 – 16.51%)
आजमगढ़ (5,66,606 – 15.25%)
गोरखपुर (6,45,625 – 17.61%)
बलिया (4,55,976 – 18.16%)
कुशीनगर (5,02,640 – 18.65%)
देवरिया (4,14,799 – 17.22%)
मऊ (3,00,223 – 17.52%)
गाजीपुर (4,08,689 – 13.85%)
चंदौली (2,30,086 – 15.45%)
मिर्जापुर (3,42,761 – 17.94%)
सोनभद्र (2,51,964 – 17.93%)
भदोही (2,06,320 – 16.73%) के आंकड़े सामने आए हैं।
अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र में लखनऊ (12,00,138 – 30.04%) सबसे ऊपर है।
इसके अलावा सीतापुर (6,23,772 – 19.55%)
हरदोई (5,44,682 – 18.04%)
लखीमपुर खीरी (5,05,802 – 17.50%)
उन्नाव (4,07,171 – 17.51%)
रायबरेली (3,48,862 – 16.35%)
बाराबंकी (3,73,154 – 16.00%)
अयोध्या (3,35,742 – 17.69%)
सुल्तानपुर (3,16,947 – 17.19%)
अमेठी (2,67,241 – 18.60%)
बहराइच (5,41,328 – 20.44%)
बलरामपुर (4,11,200 – 25.98%)
श्रावस्ती (1,34,992 – 16.51%)
गोंडा (4,69,637 – 18.40%)
बस्ती (2,98,287 – 15.70%)
सिद्धार्थनगर (3,98,900 – 20.33%)
संत कबीर नगर (2,66,870 – 19.96%)
अंबेडकर नगर (2,58,547 – 13.82%) शामिल हैं।
बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम लेकिन महत्वपूर्ण कटौती देखने को मिली है जहां झांसी (2,19,612 – 13.92%)
ललितपुर (95,447 – 9.95%)
जालौन (2,12,059 – 16.34%)
हमीरपुर (90,560 – 10.78%)
महोबा (85,352 – 12.42%)
बांदा (1,75,421 – 13.00%)
चित्रकूट (1,00,092 – 13.67%) के नाम सूची से हटाए गए हैं।
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6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज होंगी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि जारी की गई मसौदा मतदाता सूची पर अब 6 जनवरी 2025 से 6 फरवरी 2025 के बीच दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। इस अवधि में मतदाता अपने नाम जुड़वाने किसी तरह की गलती सुधारने या सूची पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश की चुनावी लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन 6 मार्च 2026 को किया जाएगा।
रिनवा ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा है कि पुनरीक्षण के दौरान 46.23 लाख मतदाता (2.99 प्रतिशत) मृत पाए गए हैं। इसके अलावा 2.57 करोड़ मतदाता (14.06 प्रतिशत) ऐसे रहे जो या तो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए थे या सत्यापन के समय उपलब्ध नहीं थे। वहीं 25.47 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज पाए गए।
एबीपी की खबर अनुसार, सीईओ के अनुसार मौजूदा मसौदा मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र कवर किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में 1,72,486 बूथों को शामिल किया गया था जहां बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर मतदाताओं से फॉर्म भरवाए।
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