यूपी में लखनऊ और मुजफ्फरनगर से दो घटनाएं सामने आई है जहां कथित तौर पर पिता की हत्या उनके बच्चों द्वारा की गई। लखनऊ में बेटे ने अपने पिता की हत्या और टुकड़े कर ड्रम में डाल दिया, वहीं मुजफ्फरनगर में दो बेटियों ने मिलकर अपने ही पिता की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। ये घटनाएं कल 23 फरवरी को खबरों में आई।
एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों, मानसिक दबाव और सामाजिक अपेक्षाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद की कमी और बढ़ता मानसिक तनाव कई बार हिंसक परिणामों का कारण बन सकता है।
लखनऊ में बेटे ने की पिता की हत्या
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ में 21 साल के लड़के ने अपने पिता की हत्या कर दी। पिता पैथोलॉजी लैब मालिक थे और लड़का इकलौता बेटा था। बताया जा रहा है कि बेटे आरोपी अक्षय प्रताप ने अपने पिता मानवेन्द्र को बहन के सामने गोली मारी, फिर आरी से शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिया। सिर को कार में रखकर 21 किलोमीटर दूर फेंक आया।
आरोपी ने खुद ही गुमशुदगी की रिपोर्ट कराई
तीन दिन बाद सोमवार 23 फरवरी को वह थाने पहुंचा और गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जब सवाल किये तो वह घबरा गया। शक होने पर सख्ती से पूछताछ की गई, तब उसने जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही तय किया जाएगा।
पिता की हत्या की वजह
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता चाहते थे कि वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) क्वालीफाई करके बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS) करे। उसे यह जबरदस्ती लगी। वह पिता से कहता था कि पैथोलॉजी लैब की जगह लॉन या रेस्टोरेंट खोला जाए, जो ज्यादा अच्छा बिजनेस रहेगा। इसी बात को लेकर 20 फरवरी को पिता से बहस हुई। गुस्से में उसने पिता की लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी।
यूपी – लखनऊ में 19 साल के अक्षय प्रताप सिंह ने पिता मानवेंद्र प्रताप सिंह की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी। फिर लाश के कई टुकड़े किए। हाथ–पैर वो अलग–अलग जगह फेंक चुका था। धड़ भी डंप करने की तैयारी में था। पिता कंप्टीशन एग्जाम की तैयारी करने का दबाव बनाते थे, इसलिए कत्ल… pic.twitter.com/oGW7IXc4gT
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) February 23, 2026
मुजफ्फरनगर में दो बेटियों ने की पिता की हत्या
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार मुजफ्फरनगर में थाना भोपा क्षेत्र के मोरना गांव में दो बेटियों ने मिलकर अपने ही पिता की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने 2 घंटे के भीतर ही इस मामले को सुलझा लिए और दोनों आरोपी बेटी को गिरफ्तार कर लिया।
रिपोर्ट में समाने आया कि सोमवार 23 फरवरी की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि मोरना गांव में 60 वर्षीय दलित किसान राम प्रसाद की उनके घर में लाश मिली है। मृतक का गला किसी धारदार हथियार से काटा गया था और पेट पर भी चोट के निशान थे।
बेटियों ने कबूला अपराध
एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया, “सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई की। शक के आधार पर बेटियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं।”
दुर्व्यवहार और सामाजिक ताने बनी हत्या की वजह
गिरफ्तार में बड़ी बेटी कोमल की उम्र 32 वर्ष और छोटी बेटी की उम्र 16 साल की है। हत्या के पीछे की मुख्य वजह पिता का व्यवहार और सामाजिक ताने बताए जा रहे हैं। बेटियों ने आरोप लगाया कि पिता बेटे और बेटियों में फर्क करते थे और शादी न होने को लेकर ताने देते थे। इन तानों से परेशान होकर दोनों बहनों ने पिछले 2 दिनों से पिता की हत्या करने का फैसला किया।
यह घटना समाज में अब भी मौजूद लैंगिक भेदभाव और पारिवारिक तनाव की ओर इशारा करती है। सामाजिक विशेषज्ञ मानते हैं कि बेटा-बेटी में भेदभाव और लगातार मानसिक प्रताड़ना जैसी स्थितियाँ परिवारों में गंभीर दरार पैदा कर सकती हैं।
दोनों घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि परिवारों में संवाद, समझ और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना कितना आवश्यक है। समय रहते बातचीत, परामर्श और संवेदनशील व्यवहार कई गंभीर परिस्थियों को टाल सकता है।
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