महोबा जिले के एसपी कार्यालय के पीछे बनी काशीराम कॉलोनी में गरीब परिवार गंदगी और बदबू से जूझ रहे हैं। सरकार ने गरीबों के लिए बिल्डिंग बनाकर फ्लैट बांटे थे, वहां पर काफी दिनों से गंदी भरी हुई है और अभी वहां के हालत नहीं सुधरी।
महोबा जिले के एसपी कार्यालय के पीछे बनी काशीराम कॉलोनी में गरीब परिवार गंदगी और बदबू से जूझ रहे हैं। सरकार ने गरीबों के लिए बिल्डिंग बनाकर फ्लैट बांटे थे, वहां पर काफी दिनों से गंदी भरी हुई है और अभी वहां के हालत नहीं सुधरी। खासकर नीचे के फ्लैट में रहने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ऊपर वाले लोगों को केवल पानी चढ़ाने की समस्या आती है, लेकिन नीचे के लोगों का हाल बहुत खराब है।
रिपोर्ट- श्यामकाली, लेखन- कुमकुम
नीचे के फ्लैट में रहने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी,
रत्नेश बताती हैं कि सबसे ज्यादा समस्या नीचे के फ्लैट में रहने वालों को होती है। ऊपर के लोग केवल पानी चढ़ाने की समस्या झेलते हैं, लेकिन बाथरूम और लैट्रिन का गंदा पानी पाइप के जरिए नीचे के फ्लैट में आ जाता है। इसी वजह से नीचे के लोगों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
टूटी नालियों और गंदगी के बीच रहने को मजबूर
काशीराम कॉलोनी की रहने वाली रुकमीन बताती हैं कि उनकी उम्र 70 साल है। उन्हें सरकार की योजना के तहत एक फ्लैट मिला था, जिसमें एक शौचालय, टॉयलेट, किचन, एक कमरा और बरामदा था। लेकिन चार साल पहले उन्होंने मजबूरी में शौचालय की सीट में सीमेंट लगाकर उसे बंद कर दिया, क्योंकि उसमें से गंदा पानी कमर तक भर जाता था।
अब मजबूरी में वह बाहर जाकर शौच करने जाती हैं।
वह बताती हैं कि नालियों की पाइपें टूट गई हैं और साफ-सफाई बिल्कुल नहीं होती। दीवारों से भी गंदा पानी रिसता रहता है। फिर भी पैसे न होने की वजह से उनके पास कोई विकल्प नहीं है कि वह अपना घर छोड़ दें।
1 से 7 नंबर तक कॉलोनी में गंदगी और बदबू से परेशान लोग
गीता बताती हैं कि 1 से 7 नंबर तक काशीराम कॉलोनी में बहुत गंदगी फैली हुई है। नालियां पूरी तरह से जमी हुई हैं। बरसात में गंदा पानी बाहर से घर के अंदर तक आ जाता है। ऐसी स्थिति में एक-दो दिन तक खाना भी नहीं बना पाते।
उन्होंने बताया कि कैमरे से सफाई की शिकायत करने के बावजूद बदबू नहीं जाती है अगर नगर पालिका समय-समय पर नालियों की सफाई करवा दे, तो यह समस्या खत्म हो सकती है।
नगर पालिका की अनदेखी से सांप‑कीडे़ और मच्छरों का डर
मूलचंद बताते हैं कि पूरे ब्लॉक में 12 कॉलोनियां हैं, जिसमें एक नंबर से सात नंबर तक करीब 84 परिवार गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं नगर पालिका के लोग बस आश्वासन देते हैं हो जाएगा लेकिन छह महीने से सफाई नहीं करवाई गई। लोग खुद सफाई करने की कोशिश करते हैं नगर पालिका के कर्मचारी कभी नहीं आते।
मंकी बताते हैं कि काशीराम कॉलोनी में नालियों और बाहर जमा गंदगी की सफाई न होने से कीड़े-मकौड़े, सांप-बिच्छू और मच्छरों का खौफ बना रहता है। इतना ही नहीं। घर में मच्छरों की भरमार पनप चुकी है। गरीब लोग मजबूरी में इस गंदगी के साथ जीने को मजबूर हैं।
समस्या का समाधान किया जायेगा – विभाग
अधिशासी अधिकारी महोबा अवधेश ने बताया कि समय-समय पर काशीराम कॉलोनी की साफ-सफाई की जाती है और अभी तक उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।अगर कोई एप्लीकेशन मिलती है, तो वहा पर टीम भेजकर स्थिति का पता लगाएंगे और समस्या का समाधान करवाएंगे।
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