खबर लहरिया Blog UP/Chitrakoot News: आधार कार्ड में सुधार के लिए वसूले जा रहे ज्यादा पैसे, ग्रामीणों का आरोप

UP/Chitrakoot News: आधार कार्ड में सुधार के लिए वसूले जा रहे ज्यादा पैसे, ग्रामीणों का आरोप

                                      

आधार कार्ड आज हर सरकारी और बैंकिंग काम के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुका है। यहां तक कि हर जरुरी काम के लिए भी आधार कार्ड से लिंक होना जरुरी कर दिया गया है। एक तरफ आधार इतना जरुरी हो गया है, वहीं दूसरी तरफ आधार बनवाने और सुधार करवाने पर नियमों से अधिक पैसे का मामला सामने आया है। चित्रकूट, मऊ ब्लॉक में आधार कार्ड बनवाने और संशोधन कराने में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं तय शुल्क से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं तो कहीं सर्वर, बिजली और लंबी कतारों के कारण लोग घंटों इंतजार के बाद भी बिना काम कराए लौटने को मजबूर हैं।

आधार कार्ड बनवाने के लिए बैठे ग्रामीण की तस्वीर (फोटो साभार: सुनीता देवी)

रिपोर्ट-सुनीता देवी, लेखन-सुचित्रा

वैसे तो नया आधार कार्ड बनवाना सरकार द्वारा फ्री (बिल्कुल मुफ्त) है। इसे आप ऑनलाइन अपॉइंटमेंट (https://uidai.gov.in/) भी बुक कर सकते हैं या खुद केंद्र भी जा सकते हैं। कई डाकघर (Post Office), कुछ बैंकों के आधार केंद्र ये भी सरकारी अनुमति वाले सेंटर हैं यहां नया आधार बनवाना फ्री होता है।

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 1 अक्टूबर 2025 से आधार से संबंधित सेवाओं के लिए शुल्क संरचना में संशोधन किया है, जो 30 सितंबर 2028 तक लागू रहेगा।

5 से 17 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क

नए नियम के अनुसार 7-15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट शुल्क को एक वर्ष के लिए, यानी 30 सितंबर 2026 तक माफ कर दिया गया है।

UIDAI के अनुसार, “अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) सेवा 5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निःशुल्क है। मिशन मोड में MBU के लंबित मामलों को कम करने के लिए, प्राधिकरण ने 7-15 वर्ष आयु वर्ग के आधार नंबर धारकों से MBU-1 कराने के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए, 30 सितंबर, 2026 तक, शुल्क माफ करने का निर्णय लिया है।”

अलग से आधार कार्ड में सुधार करने के लगेंगे पैसे

यदि आधार कार्ड बनवाते समय नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर या ईमेल जैसी जनसांख्यिकीय जानकारी को अपडेट करने का शुल्क बायोमेट्रिक अपडेट के साथ ही करने पर निःशुल्क होगा। अलग से अपडेट करने पर शुल्क 50 रुपये से बढ़कर 75 रुपये प्रति अपडेट हो जाएगा।

पहचान या पते के प्रमाण प्रस्तुत करने से संबंधित दस्तावेज़ों को अपडेट करने के लिए आधार नामांकन केंद्रों पर शुल्क 75 रुपये होगा, जो पहले 50 रुपये था, लेकिन 14 जून 2026 तक myAadhaar पोर्टल पर यह निःशुल्क रहेगा। 5-7 और 15-17 आयु वर्ग के बाहर अधिकांश बायोमेट्रिक अपडेट के लिए शुल्क 125 रुपये होगा।

आधार केंद्र के बाहर खड़ी महिलाओं की तस्वीर (फोटो साभार: सुनीता देवी)

अक्टूबर 2028 में बढ़ जाएगा शुल्क

अक्टूबर 2028 से शुरू होने वाले अगले चक्र में शुल्क में आधार कार्ड में सुधार के लिए पैसे अधिक लगेंगे। इसके अंतर्गत कुछ सेवाओं के शुल्क 75 रुपये से बढ़कर 90 रुपये और कुछ के शुल्क 125 रुपये से बढ़कर 150 रुपये हो जाएंगे।

घर बुलाकर आधार कार्ड बनवाने के अलग पैसे

घर पर आधार पंजीकरण या अपडेट करने की सुविधा देने वाली होम एनरोलमेंट सेवाओं के लिए, घर के एक व्यक्ति के लिए शुल्क 700 रुपये (जीएसटी सहित) और उसी पते पर प्रत्येक अतिरिक्त निवासी के लिए 350 रुपये निर्धारित किया गया है, जो मानक अपडेट शुल्क के अतिरिक्त है।

तय शुल्क से अधिक वसूली का आरोप

इन सब नियमों के बावजूद चित्रकूट के मऊ ब्लॉक में जब सरकार द्वारा आधार कार्ड के लिए शिविर लगाया जाता है तो लोगों से अधिक पैसे लिए जाते हैं। जिला चित्रकूट के मऊ ब्लॉक के बरियारी गांव की रेखा देवी का कहना है कि आधार संशोधन के लिए 200 रुपये लिए गए जबकि सरकारी शुल्क 125 रुपये है। वह बताती हैं कि दो दिनों से पंडित शिवकुमार त्रिपाठी इंटर कॉलेज में लग रहे आधार शिविर में आ रही हैं लेकिन नंबर नहीं लग पा रहा। बैंक खाते में अंगूठा (फिंगरप्रिंट) काम न करने के कारण केवाईसी नहीं हो पा रहा है। पति बाहर प्रदेश में हैं, ऐसे में पैसे भेजने पर भी निकासी नहीं हो सकेगी तो परिवार का गुजारा कैसे होगा।

आधार केंद्र पर लगी भीड़ की तस्वीर (फोटो साभार: सुनीता देवी)

बच्चों के आधार न बनने से योजनाएं अटकी

कोटरा खम्भा गांव के दो भाइयों का नाम आधार में एक जैसा दर्ज हो गया है। संशोधन के लिए पूरा दिन इंतजार किया, लेकिन नंबर नहीं आया। उनका कहना है कि छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं का लाभ आधार अपडेट न होने से अटक गया है।
कोलमजरा गांव की तारावती तीन छोटे बच्चों मुस्कान (7 वर्ष), दीपक (5 वर्ष) और रवि (2 वर्ष) का आधार बनवाने सुबह 10 बजे से लाइन में लगी रहीं। उनका शाम तक नंबर नहीं आया। उनका कहना है कि राशन कार्ड में बच्चों का नाम जुड़वाने और स्कूल में आधार लगाने के लिए यह जरूरी है। दो लोगों का राशन मिल रहा है जबकि परिवार में पांच सदस्य हैं। वह बताती हैं कि किराया और शुल्क के लिए कर्ज लेकर आई थीं।

आधार केंद्र पर लगे पोस्टर की तस्वीर (फोटो साभार: सुनीता देवी)

सर्वर और बिजली की समस्या

मऊ के आकाश का कहना है कि अंगूठा (फिंगर) अपडेट न होने के कारण वह आवास योजना का फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। बारिश में कच्चे घर में रहने की समस्या है, लेकिन आधार अपडेट न होने से आवेदन अटका है। उनका आरोप है कि ज्यादा पैसे देने वालों का नंबर पहले लगा दिया जाता है।
कुरियाडीह गांव की रोशनी बताती हैं कि आधार अपडेट न होने से बैंक खाता, राशन कार्ड और आंगनबाड़ी से पोषण आहार तक प्रभावित हो रहा है। जन्मतिथि गलत होने पर सुधार के लिए जन्म प्रमाण पत्र चाहिए और उसे बनवाने में भी अलग से दौड़भाग करनी पड़ती है।

ज्यादा शुल्क लेने का आरोपों को बताया गलत

मऊ के आधार ऑपरेटर चन्द्रेश का कहना है कि वे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक काम करते हैं और एक दिन में 20–25 आधार ही बना पाते हैं। बिजली और सर्वर की समस्या के कारण काम प्रभावित होता है। उनका कहना है कि संशोधन का निर्धारित शुल्क 125 रुपये है और वे उतना ही लेते हैं। ज्यादा शुल्क लेने का आरोप गलत है।

आधार आज बैंकिंग, राशन, छात्रवृत्ति, आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए जरुरी दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर अव्यवस्था, सीमित स्लॉट, तकनीकी दिक्कतें और कथित अतिरिक्त शुल्क लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। यह समस्या एक बार के शिविर की नहीं है। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा अलग अलग क्षेत्रों में जब शिविर लगाकार आधार कार्ड बनवाया जाता है और सुधार किया जाता है तो इस तरह की परेशानी हर बार होती है।

 

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