खबर लहरिया Hindi UP, Mahoba: पैसे नहीं, फसल की गिनती से मिलती मजदूरी! बुंदेलखंड की अनोखी परंपरा

UP, Mahoba: पैसे नहीं, फसल की गिनती से मिलती मजदूरी! बुंदेलखंड की अनोखी परंपरा

बुंदेलखंड के खेतों में आज भी मजदूरी का एक पुराना तरीका ज़िंदा है — ‘गिनती’। बांदा जिले के अलग-अलग गांवों से आए मजदूर महोबा जिले के तिदुही और पचपहरा गांव में फसल कटाई करने पहुंचते हैं। यहां मजदूरी पैसे से नहीं बल्कि फसल की गिनती से तय होती है। 20 पूरी (फसल के बंडल) काटने पर मजदूर को 1 पूरी मजदूरी मिलती है। यह मजदूरों के मेहनत का हिस्सा है।

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