उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में पपरेदा से चिल्ला तक सड़क चौड़ीकरण के कारण हज़ारों पुराने पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस सड़क के दोनों तरफ घनी हरियाली और बड़े-बड़े फलदार पेड़ थे, लेकिन अब सड़क पूरी तरह खाली और मैदान जैसी दिख रही है। लोगों के अनुसार ये पेड़ 40–50 साल पुराने थे जिन्हें उन्होंने बच्चों की तरह लगाकर बड़ा किया था। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ने, बारिश कम होने, भूजल स्तर गिरने और बढ़ती गर्मी जैसी चिंताएँ भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि हर साल होने वाले वृक्षारोपण के बावजूद नए पेड़ तैयार नहीं हो पाते क्योंकि उनकी देखभाल नहीं होती। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन को लेकर यह सवाल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
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