खबर लहरिया Blog UP Ayodhya: विधवा पेंशन न मिलने से दर‑दर भटक रही हैं महिलाएं

UP Ayodhya: विधवा पेंशन न मिलने से दर‑दर भटक रही हैं महिलाएं

कुटिला देवी पिछले तीन साल से विधवा पेंशन नहीं पा रही हैं। विधवा पेंशन नहीं मिल पाने की वजह से बहुत परेशान हैं।कुटिला देवी, जयराजी, रीता देवी जैसी महिलाएं बताती हैं कि उनका विधवा पेंशन बंद हो गया है।

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कुटिला देवी, (फोटो साभार:संगीता)

रिपोर्ट – संगीता, लेखन – कुमकुम 

जिला अयोध्या के बनबीरपुर क्षेत्र, वार्ड नंबर 16, मोहल्ला महाराणा प्रताप में कई महिलाएं पिछले तीन साल से विधवा पेंशन नहीं मिल पाने की वजह से बहुत परेशान हैं। कुटिला देवी, जयराजी, रीता देवी जैसी महिलाएं बताती हैं कि उनका विधवा पेंशन बंद हो गया है। इसके बावजूद उनके पास सभी जरूरी कागजात सही‑सही हैं और बैंक व जिला कार्यालय में पूछताछ करने पर भी कोई गलती नहीं मिली फिर भी पेंशन नहीं मिल रही है।

विधवा पेंशन न मिलने से बढ़ी दिक्कतें 

कुटिला देवी पिछले तीन साल से विधवा पेंशन नहीं पा रही हैं। कुटिला देवी ने बताया कि जब उन्हें पेंशन मिलती थी, तो उससे वे अपने कपड़े, खाने‑पीने का सामान और अपनी दवाइयां खरीद लेती थीं। उन्होंने बताया, हमने बैंक और जिला कार्यालय में पता कराया, पर सब कुछ सही‑सही पाया गया फिर भी पेंशन नहीं आ रही।

पहले वे मजदूरी करके अपना घर चलाती थीं लेकिन अब उनका बड़ा ऑपरेशन हो गया है। इसलिए अब मेहनत का काम भी नहीं कर पातीं। अब हर एक पैसे की बहुत जरूरत हो गई है। बच्चों को भी अपने खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कोई बड़ी आमदनी नहीं है जो हमारी मदद कर सके।

सरकार की अनदेखी से जीवन हुआ कठिन

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जयराजी, (फोटो साभार:संगीता)

इस फोटो में दिख रही महिला का नाम जयराजी है और उनकी उम्र साठ साल हो चुकी है। जयराजी ने बताया कि पहले उन्हें विधवा पेंशन मिलती थी। जब से भाजपा सरकार बनी है, तब से उनका पेंशन आना बंद हो गई है। लगभग 8 से 10 साल हो गए हमें पेंशन नहीं मिल रहा। अब बच्चे भी 1 रूपये खर्च को नहीं देते। सरकार से एक उम्मीद दी थी कि बुजुर्गों को हर तीसरे महीने 3000 रूपया मिल जाएगा ताकि कम‑से‑कम अपने लिए कुछ खाने‑पीने और पहनने‑ओढ़ने की चीजें खरीदी जा सकें।

अब वह भी उम्मीद खत्म हो गई। जब बैंक में पूछताछ करने जाती हैं तो बस कहते हैं ‘कोई गड़बड़ी नहीं है, पैसा आएगा। सरकार ने अगर मदद नहीं करनी थी तो ऐसी योजना ही क्यों बनाई? 

बिना घर और पेंशन के जूझती जिंदगी

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रीता देवी (फोटो साभार: संगीता0

रीता देवी का कहना है -”मेरे पति का देहांत हो गया है। मैं अपने छोटे बेटे के साथ दूसरों के घर में रहती हूं। हमारे पास खुद का घर नहीं है। छोटे बेटे की शादी भी करनी है लेकिन जब घर नहीं है तो कैसे शादी कराऊं। मेहनत मजदूरी करके दिन‑रात गुजर-बसर कर रही हूं। अगर सरकार से पेंशन मिलती तो थोड़ी‑बहुत मदद हो जाती। कमाई के साथ पेंशन के पैसे से झोपड़ी बना लेतीं पर अब कोई सहारा नहीं बचा। बस मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।”

Ashwini Tiwari, District Probation Officer

अश्विनी तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी (फोटो साभार: संगीता)

अश्विनी तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, अयोध्या ने बताया कि अभी तक इन बुजुर्ग महिलाओं का पेंशन ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से जिला तक नहीं आया है। यहां बिचौलियों का खेल चलता है। लोगों को सही जानकारी नहीं मिलती, इसलिए वे परेशान हो जाते हैं। सभी जनता से यही अपील है कि अपना पेंशन फॉर्म खुद जाकर ऑनलाइन भरें। उसके बाद हमारे विभाग से पूरी मदद की जाएगी।

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