अयोध्या जिले के ब्लॉक मसौदा, नगर निगम मऊशिवा गांव के रहने वाले जगदम्बिका प्रसाद पाण्डेय, जिन्हें आज लोग “पंडित जी अचार वाले” के नाम से जानते हैं, उनकी कहानी आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर दिखाती है। लॉकडाउन के समय जब न काम था, न पैसा और परिवार पालने की चिंता थी, तब मजबूरी ने उन्हें अपने बचपन की याद दिलाई—घर में बुजुर्गों द्वारा बनाए जाने वाले देशी अचार। वहीं से शुरू हुआ संघर्ष, जो आज पहचान बन चुका है। पंडित जी केवल देशी मसालों और कच्चे सरसों के तेल से अचार बनाते हैं। धनिया, सूखी मिर्च, मंगरैल, सौंफ, काली मिर्च, हल्दी, लहसुन और गन्ने के सिरके से तैयार यह अचार न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि सेहत के लिए भी नुकसानदेह नहीं है। आज पंडित जी लगभग 500 किलोमीटर तक फेरी लगाकर अचार पहुंचाते हैं। अयोध्या जिले में उनका अचार इतना फेमस है कि लोग फोन करके घर मंगवाते हैं। नींबू, आम, गाजर, हरी मिर्च, मिक्स अचार के साथ-साथ सर्दियों में लहसुन का अचार सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
ये भी देखें –
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’