हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से सटे कांचा गाचीबोलवली / Kancha Gachibowli में 400 एकड़ भूमि की नीलामी को लेकर शिक्षकों और छात्राओं पर पुलिस द्वारा आज 2 अप्रैल 2025 को फिर लाठी चार्ज किया गया।
लेखन – सुचित्रा
सरकार के फैसले से नाराज छात्रों और शिक्षकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक परिसर के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। सुरक्षा के लिए पूर्वी परिसर के पास बैरिकेड्स लगाए गए थे ताकि कोई भी व्यक्ति वन क्षेत्र में न पहुंच सके जिसे साफ किया जा रहा था। छात्रों ने बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की और ‘पुलिस वापस जाओ’ और ’लड़ेंगे जीतेंगे’ व ‘आवाज दो हम एक हैं’ जैसे नारे लगाए।
Mr. @RahulGandhi, many students of the University of Hyderabad developed a soft corner for you when you supported the movement for justice for Rohith Vemula.
However, your party’s Chief Minister in Telangana is draining all the goodwill you had with his brutal assault on the… pic.twitter.com/BHvX9BMzS3
— Mythreya (@Mythreyaa) April 2, 2025
कांचा गाचीबोलवली को लेकर विवाद
जहां तेलंगाना सरकार ने एक ओर कहा कि हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से सटी कांचा गाचीबोलवली में 400 एकड़ की जमीन उनकी है तो वहीं दूसरी ओर भारत राष्ट्र समिति और विधान परिषद के सदस्य (BRS MLC) के. कविता ने इस बात को गलत ठहराया और सरकार पर 40,000 करोड़ रुपए में बेचने का आरोप लगाया।
भारत राष्ट्र समिति और विधान परिषद के सदस्य (BRS MLC) के. कविता ने एएनआई से बात करते हुए कहा- “यह पूरी तरह से गलत बात है कि ये जमीन सरकार की है। यह यूनिवर्सिटी की जमीन है। छात्र बस इतना ही कह रहे हैं कि यह जमीन हमें दे दी जाए और कुछ नहीं लेकिन यह सरकार इस जमीन को बेचकर मार्केट से 40,000 करोड़ रुपये उठाना चाह रही है। हैदराबाद की जो विरासत और रियल एस्टेट बाजार है वह इस सरकार के आने के बाद पूरा ठप्प हो चुका है। उनके पास सरकार चलाने के लिए पैसे नहीं है इसलिए इस जमीन को बेचने का प्रयास किया जा रहा है।”
#WATCH | हैदराबाद, तेलंगाना | हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी 400 एकड़ भूमि विवाद पर, BRS MLC के. कविता ने कहा, “यह पूरी तरह से गलत बात है कि ये जमीन सरकार की है। यह यूनिवर्सिटी की जमीन है… छात्र बस इतना ही कह रहे हैं कि यह जमीन हमें दे दी जाए और कुछ नहीं लेकिन यह सरकार इस जमीन को… pic.twitter.com/bHJnQ1mhee
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2025
हैदराबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ ने कक्षाओं का किया बहिष्कार
हैदराबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ (यूओएचएसयू) ने परिसर से पुलिस बल और निर्माण उपकरणों (जिसमें बुलडोज़र शामिल है) को हटाने की मांग करते हुए कल मंगलवार 1 अप्रैल से विरोध प्रदर्शन और कक्षा बहिष्कार (कक्षा में न जाने) किया।
कांचा गाचीबोलवली / Kancha Gachibowli में 400 एकड़ की जमीन को लेकर विरोध क्यों?
तेलंगाना सरकार, कांचा गाचीबोलवली / Kancha Gachibowli जमीन पर तेलंगाना औद्योगिक अवसंरचना निगम (टीजीआईआईसी) के माध्यम से आईटी पार्क बनवाना चाहती है। यह जमीन हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से सटी हुई है। छात्राओं का मानना है यहां इतनी हरयाली है जिससे इको सिस्टम पर काफी असर पड़ेगा। यहां कई जानवर और पक्षी भी रहते हैं। सोशल मीडिया पर पेड़ो की कटाई और जानवरों के घायल और मौत की तस्वीर वायरल हो रही हैं।
इस तरह की तस्वीरें देख सच में दुःख होता है। इतना निर्दयी कोई कैसे हो सकता है? हम एक विकास के लिए उन जानवरों का घर छीन लें, क्या यह विकास सही है? इसके समर्थन में कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पर्यावरण पर चिंता जताई है।
तेलगांना सरकार ने किया दावा
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि राजस्व रिकॉर्ड से पता चलता है कि भूमि वन क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत नहीं है। सरकार का दावा है कि जुलाई 2024 में हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) रजिस्ट्रार की मंजूरी से भूमि सर्वेक्षण किया गया था। जहां विश्वविद्यालय के अधिकारियों की मौजूदगी में इसे अंतिम रूप दिया गया था।
हैदराबाद विश्वविद्यालय ने किया विरोध
हैदराबाद विश्वविद्यालय ने इस बात को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2024 में ऐसा कोई सर्वेक्षण नहीं हुआ था। रजिस्ट्रार देवेश निगम ने पुष्टि की कि केवल प्रारंभिक भूमि मूल्यांकन हुआ था।
कब शुरू हुआ यह मामला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह विवाद तब शुरू हुआ जब रविवार 30 मार्च 2025 को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से सटे कांचा गाचीबोलवली / Kancha Gachibowli में 400 एकड़ की जमीन पर कई बुलडोज़र को देखा। इसे देख छात्र बुलडोज़र पर चढ़ गए और इसका विरोध किया।
The students of Hyderabad Central University (HCU) have been protesting against the auction of the Kancha-Gachibowli forest, which puts the flora & fauna of the city, including endangered species, at a severe risk.#SaveKanchaGachibowli pic.twitter.com/SSzNjd4to1
— Tannuja (@TheTannuja) April 1, 2025
इसके बाद पुलिस ने छात्राओं को जबरन हटाया और करीब 50 छात्राओं को हिरासत में लिया।
Telangana govt has decided to auction 400 acres of land in Kancha Gachibowli.
Students of the University of Hyderabad are protesting, citing concerns that the land is ecologically sensitive, rich in wildlife and also home to a water body. Several students were manhandled and… pic.twitter.com/oRdy8UyrNn
— Anshul Saxena (@AskAnshul) April 2, 2025
कांग्रेस सरकार और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की राजनीति
इस मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार कांग्रेस सरकार पर टिप्पणी कर रही है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना के पूर्व उपमुख्यमंत्री केटी रामा राव और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता ने कांग्रेस सरकार पर हैदराबाद के आखिरी ‘हरे फेफड़ों’ को खत्म करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा, “एचसीयू और इसके आसपास के इलाके शहर के इस हिस्से के आखिरी हरे फेफड़ों में से हैं। पर्यावरणीय प्रभाव आकलन के बिना उन्हें नष्ट करना हैदराबाद के भविष्य के साथ अपराध है।”
तेलंगाना के पूर्व उपमुख्यमंत्री केटी रामा राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा- “पश्चिमी हैदराबाद में 400 एकड़ कीमती फेफड़ों की जगह को नष्ट करके यह बेशर्मी से की गई हरित हत्या है। अगर आप अभी नहीं बोलते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी आपकी है, राहुल गांधी।”
अब यह मुद्दा पर्यावरण पर खतरा नज़र आ रहा है। इस तरह से जंगलों की कटाई कर विकास को बढ़ावा दिया जायेगा तो एक दिन सभी जंगल ख़त्म हो जायेंगे। सरकार की जिम्मेदारी है यदि वह इस तरह के कदम उठा रही है तो इसकी पूर्ति करने के लिए वह दूसरे क्या कदम उठा रही है?
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